मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर कतर और ईरान के विदेश मंत्रियों से फोन पर चर्चा की। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या इन देशों के बीच तनाव कम होगा या मामला और बिगड़ेगा।

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अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में क्या दिक्कत आ रही है?

ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी नहीं हटाता, वह बातचीत नहीं करेगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। ट्रंप का कहना है कि उनके पास सभी पत्ते हैं और अगर ईरान बात करना चाहता है तो वह खुद फोन कर सकता है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भी दिया है, लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अभी भी काफी मतभेद हैं।

इस मामले में किन देशों की भूमिका है?

  • मिस्र: विदेश मंत्री Abdelatty ने कूटनीतिक समाधान और बातचीत की अपील की है ताकि क्षेत्रीय संघर्ष को बढ़ाया न जा सके।
  • कतर और पाकिस्तान: ये दोनों देश मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहे हैं ताकि दोनों देशों को एक मेज पर लाया जा सके।
  • ओमान और तुर्की: ईरान के विदेश मंत्री इन देशों के साथ भी सलाह-मशविरा कर रहे हैं ताकि युद्ध की स्थिति को टाला जा सके।

अभी जमीनी हालात क्या हैं?

फिलहाल बातचीत रुकी हुई है और राजनयिक स्तर पर उम्मीदें कम हो गई हैं। Strait of Hormuz अभी भी बंद है और अमेरिका ईरानी जहाजों को रोक रहा है। ईरान इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन और बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट मान रहा है। ऐसे में क्षेत्र की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आने-जाने को लेकर चिंता बनी हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.