लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच मिस्र और सऊदी अरब ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलअती ने बताया है कि उनका देश सऊदी अरब और अन्य लाल सागर देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को युद्ध के गंभीर परिणामों से सुरक्षित रखा जा सके। इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी रुकावट के चलाना दोनों देशों की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मिस्र और सऊदी अरब का क्या है नया प्लान?

मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलअती ने 10 जून 2026 को स्पष्ट किया कि मिस्र, सऊदी अरब और लाल सागर के तटीय देशों के साथ मिलकर कूटनीतिक स्तर पर काम कर रहा है। इस तालमेल का मुख्य उद्देश्य बाब अल-मंडेब क्षेत्र को सुरक्षित रखना और इसे किसी भी सैन्य संघर्ष के प्रभाव से पूरी तरह दूर रखना है। इससे पहले 9 जून 2026 को मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई थी। इसके साथ ही मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी और इरिट्रिया के राष्ट्रपति के बीच हुई बैठक में यह बात दोहराई गई कि लाल सागर की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल इस क्षेत्र के देशों की होनी चाहिए।

ईरान और हूती विद्रोहियों के फैसलों से क्यों बढ़ा तनाव?

लाल सागर में तनाव बढ़ने का एक बड़ा कारण ईरान और यमन के हूती गुट की तरफ से पिछले कुछ दिनों में आए कड़े बयान हैं।

  • हूती सेना का फैसला: 8 जून 2026 को यमन के हूती गुट ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों के खिलाफ पूरी तरह से समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी, जिससे इस रूट पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
  • ईरान की चेतावनी: ईरान के कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी ने कहा था कि एक नया सुरक्षा घेरा तैयार किया जाएगा जो बाब अल-मंडेब तक फैला होगा। इसके साथ ही ईरान के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर विलायती ने चेतावनी दी थी कि उनके पास बाब अल-मंडेब और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की क्षमता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए कूटनीतिक रास्ते पर जोर

मिस्र और सऊदी अरब का मानना है कि इस संकट का समाधान केवल राजनीतिक बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। दोनों देशों ने सैन्य विकल्पों को पूरी तरह खारिज करते हुए शांतिपूर्ण बातचीत का समर्थन किया है। लाल सागर से होकर दुनिया का एक बहुत बड़ा व्यापारिक हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस पूरे मार्ग की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मिस्र और सऊदी अरब बाब अल-मंडेब को लेकर क्यों चिंतित हैं?

बाब अल-मंडेब अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। ईरान और हूती विद्रोहियों के बयानों और हालिया सैन्य हरकतों के बाद इस मार्ग पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है।

हूती गुट ने क्या घोषणा की है?

हूती गुट ने 8 जून 2026 को लाल सागर में इजरायल से जुड़े सभी जहाजों के खिलाफ पूर्ण समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है और उन्हें सैन्य निशाना बनाने की बात कही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.