मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बदर अब्देलत्ती ने लेबनान पर हो रहे इसराइली हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चिंता जताई है. उन्होंने इटली और जर्मनी जैसे बड़े देशों से बात की है और मांग की है कि इस हिंसा को तुरंत रोका जाए. मिस्र का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और इससे पूरे इलाके में खतरा बढ़ गया है.

मिस्र ने किन देशों से मदद मांगी और क्या कहा?

विदेश मंत्री बदर अब्देलत्ती ने 11 अप्रैल 2026 को इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से फोन पर बातचीत की. उन्होंने इन दोनों देशों और यूरोपीय संघ (EU) से अपील की कि वे इसराइल पर दबाव बनाएं ताकि लेबनान में हो रहे हमले रुकें. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लेबनान की आजादी और उसकी सीमाओं का सम्मान होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

लेबनान और कुवैत के साथ क्या चर्चा हुई?

  • लेबनान के साथ बात: 9 अप्रैल को उन्होंने लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर चर्चा की और कहा कि नागरिक इलाकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है.
  • कुवैत का दौरा: 8 अप्रैल को मंत्री अब्देलत्ती ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह खालिद अल-हमाद अल-सबाह से मुलाकात की और राष्ट्रपति अल-सिसी का संदेश पहुंचाया.
  • UN का नियम: मिस्र ने चेतावनी दी कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद करना होगा.

इस पूरे मामले में मिस्र का मुख्य स्टैंड क्या है?

मिस्र का मानना है कि इसराइल जानबूझकर तनाव बढ़ा रहा है, खासकर तब जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई थी. मिस्र सरकार लेबनान की एकता और अखंडता का पूरी तरह समर्थन करती है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय देशों को मिलकर इस स्थिति को संभालना होगा ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.