मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलत्ती 16 मार्च 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री इंजीनियर वलीद बिन अब्दुलकरीम अल-खुरैजी ने उनका स्वागत किया। यह दौरा खाड़ी देशों के साथ एकजुटता दिखाने और क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस दौरे का मुख्य कारण क्या है?

मिस्र के विदेश मंत्री का यह दौरा ‘गल्फ सॉलिडेरिटी टूर’ का हिस्सा है। इससे पहले वह दोहा, मस्कट और UAE का दौरा कर चुके हैं। इस समय अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

इस दौरे का मकसद अरब देशों की सुरक्षा को मजबूत करना और किसी भी बड़े युद्ध से बचने के लिए कूटनीतिक रास्ते खोजना है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि सऊदी अरब और खाड़ी देशों की सुरक्षा उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

प्रवासियों की सुरक्षा पर भी होगी बात

इस तनावपूर्ण माहौल में आम नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मिस्र और सऊदी अरब के अधिकारी इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि मुश्किल हालात में नागरिकों को कैसे सुरक्षित निकाला जाए।

इस मामले में सऊदी प्रशासन की ओर से दी जा रही मदद को लेकर भी बातचीत की जा रही है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ होने वाली हाई-लेवल मीटिंग में नेविगेशन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर भी फैसले लिए जाएंगे। इन बैठकों का सीधा असर क्षेत्र में काम कर रहे लाखों प्रवासियों की सुरक्षा और शांति पर पड़ेगा।