इसराइल की बस्ती विस्तार योजना पर आठ देशों का कड़ा विरोध, ई-वन प्रोजेक्ट रोकने की मांग.

Praggya Singh sabal21 August 20262 min read43 viewsWorld
इसराइल की बस्ती विस्तार योजना पर आठ देशों का कड़ा विरोध, ई-वन प्रोजेक्ट रोकने की मांग.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बीच संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्रों में इसराइल की तरफ से अवैध बस्तियों के लगातार विस्तार की कड़ी निंदा की गई है। इस गठबंधन ने विशेष रूप से E1 settlement plan को तुरंत रोकने की मांग की है, जिसमें 3,400 से अधिक आवास इकाइयों का विकास शामिल है और इसे पहली बार अगस्त 2025 में मंजूरी दी गई थी। इस कूटनीतिक विरोध से पहले इसराइल ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को 1,234 आवास इकाइयों के लिए टेंडर खोलकर इस परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया था, जिसकी जानकारी Egyptian State Information Service और ReliefWeb की रिपोर्ट्स में दी गई है।

ई-वन योजना से क्षेत्र की डेमोग्राफी बदलने का खतरा

निंदा करने वाले आठों देशों ने ई-वन योजना को पूरी तरह से खारिज कर दिया और इसे इस क्षेत्र की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय अखंडता को बदलने के उद्देश्य से एक खतरनाक कदम बताया। इन देशों के मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की गतिविधियां वर्ष 1967 की सीमाओं के आधार पर और पूर्वी यरुशलम को अपनी राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र और आपस में जुड़े हुए फलस्तीनी राज्य की व्यवहार्यता को कमजोर करती हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्रियों ने इन बस्तियों से जुड़ी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार संस्थाओं के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय उपायों और संभावित प्रतिबंधों के प्रति अपना पूरा समर्थन देने का संकल्प लिया है।

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पश्चिमी देशों और यूरोपीय आयोग ने भी जताया कड़ा विरोध

इसी समय, सात पश्चिमी देशों के एक अलग गठबंधन—यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे और कनाडा ने भी एक बयान जारी किया जिसमें इन टेंडरों को अस्वीकार्य करार दिया गया। यूनाइटेड किंगडम ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की स्पष्ट धमकी दी, जबकि अन्य देशों ने व्यवसायों को चेतावनी दी कि यदि वे निर्माण टेंडर में भाग लेते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके अतिरिक्त, ग्रीस, ऑस्ट्रिया, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्वीडन, बेल्जियम और यूरोपीय आयोग द्वारा भी इस विस्तार की कड़ी आलोचना की गई।

इसराइली अधिकारियों की प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख

वैश्विक विरोध के बावजूद, Ma'aleh Adumim के मेयर Guy Yifrach ने इस विस्तार को बहुत बड़ी खबर बताया। इसराइली वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने पहले इस परियोजना को क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य को नया रूप देने के रणनीतिक प्रयास के रूप में वर्णित किया था। इस बीच, U.S. State Department ने फिर से दोहराया कि अमेरिका एनेक्सेशन यानी विलय का समर्थन नहीं करता है, जो राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा बनाए रखा गया रुख है। संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय निकाय कब्जे वाले क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़े अपने कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए लगातार मांगों का सामना कर रहे हैं।

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