दुबई में रहने वालों और वहां नया घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। दुबई की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक, Emaar Properties, एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत 200 अरब दिरहम (करीब 54 अरब डॉलर) है। इस नए और बेहद आलीशान प्रोजेक्ट में लगभग 1.5 लाख लोगों के रहने का इंतजाम किया जाएगा। इसे दुबई के इतिहास के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।

क्या है एमार (Emaar) का यह नया प्रोजेक्ट और इसमें क्या होगा खास?

Emaar Properties के फाउंडर मोहम्मद अलाब्बार (Mohamed Alabbar) ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दुबई के शहरी स्वरूप को पूरी तरह से बदल देगा। इस प्रोजेक्ट को खास तौर पर “20-मिनट सिटी” के कॉन्सेप्ट पर तैयार किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि इस इलाके में रहने वाले लोगों को स्कूल, ऑफिस, दुकान और बाकी जरूरी सुविधाएं उनके घर से सिर्फ 20 मिनट की दूरी पर मिल जाएंगी।

  • यह प्रोजेक्ट 45 लाख वर्ग मीटर से भी ज्यादा बड़े कुल फ्लोर एरिया में फैला होगा।
  • इसमें लोगों के रहने के लिए आलीशान विला, अपार्टमेंट और बड़े बंगले बनाए जाएंगे।
  • यह प्रोजेक्ट एक तरह से “शहर के अंदर एक नया शहर” होगा जहां रहने की हर सुविधा मौजूद होगी।

पांच अलग-अलग हिस्सों में बंटा होगा यह पूरा प्रोजेक्ट

इस बड़े प्रोजेक्ट को बेहद व्यवस्थित और सुंदर बनाने के लिए इसे पांच अलग-अलग जिलों (Districts) में बांटा जाएगा। इससे हर वर्ग के लोगों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी। इसमें व्यापार के लिए बिजनेस हब, आम लोगों के रहने के लिए अर्बन रेसिडेंशियल एरिया, परिवारों के लिए खास कम्युनिटी और बेहद आलीशान विला वाले इलाके शामिल होंगे।

इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट में पर्यावरण का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। इसमें बड़े पार्क, सुंदर झीलें, लैगून और साइकिल चलाने के लिए ट्रैक बनाए जाएंगे ताकि लोग सेहतमंद जिंदगी जी सकें। इस प्रोजेक्ट को आने वाले कुछ ही दिनों में औपचारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

एमार (Emaar) का यह नया प्रोजेक्ट कितने रुपये का है?

इस नए प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू 200 अरब दिरहम (लगभग 54 अरब डॉलर) है और यह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है।

इस नए प्रोजेक्ट में कुल कितने लोग रह सकेंगे?

इस बेहद बड़े और आधुनिक प्रोजेक्ट में लगभग 1.5 लाख (150,000) लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।