दुबई और खाड़ी देशों में हवाई रास्ते आंशिक रूप से खुलने के बाद Emirates एयरलाइन ने अपनी उड़ानों को फिर से पटरी पर लाना शुरू कर दिया है। 6 मार्च 2026 को कंपनी ने बताया कि वो धीरे-धीरे अपनी पूरी सर्विस बहाल करने की कोशिश कर रही है। भारत के यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत की बात है क्योंकि एयरलाइन ने भारत आने-जाने वाली फ्लाइट्स की संख्या बढ़ा दी है ताकि फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके।
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भारत के लिए 22 फ्लाइट्स और नए रूट का हाल
Emirates ने कन्फर्म किया है कि उसने भारत के लिए अपनी क्षमता (Capacity) बढ़ा दी है। अब एयरलाइन भारत के 9 अलग-अलग शहरों के लिए हर दिन 22 सर्विस ऑपरेट कर रही है। 7 मार्च तक कंपनी का लक्ष्य दुनिया भर में 83 जगहों के लिए 106 डेली फ्लाइट्स उड़ाने का है, जो उसके कुल नेटवर्क का लगभग 60% होगा।
हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि कुछ हवाई रास्ते अभी भी बंद हैं। इस वजह से फ्लाइट्स को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। ईरान और इराक के ऊपर से न जाकर विमान दूसरे सुरक्षित रास्तों से जा रहे हैं, जिससे यात्रा में 5 घंटे तक का समय ज्यादा लग सकता है।
टिकट बुकिंग और रिफंड के नए नियम
एयरलाइन ने साफ तौर पर कहा है कि यात्री सीधे एयरपोर्ट न पहुँचें। सिर्फ उन्हीं लोगों को एयरपोर्ट पर एंट्री दी जाएगी जिनके पास 5 मार्च को सुबह 4 बजे के बाद की कन्फर्म बुकिंग रसीद है। अगर आप दुबई में ट्रांजिट (Transit) कर रहे हैं, तो आपकी आगे की फ्लाइट भी कन्फर्म होनी चाहिए।
- री-बुकिंग (Rebooking): जिन लोगों ने 28 फरवरी से 31 मार्च 2026 के बीच की टिकट बुक की थी, वो अब अपनी यात्रा की तारीख बदलकर 30 अप्रैल 2026 तक कर सकते हैं।
- रिफंड (Refund): जो यात्री मौजूदा हालात में सफर नहीं करना चाहते, उनकी रिफंड रिक्वेस्ट पर काम किया जा रहा है।
- प्राथमिकता: सीमित सीटों पर उन लोगों को पहले मौका दिया जा रहा है जिनकी बुकिंग सबसे पुरानी है या जिन्हें वतन वापसी (Repatriation) की सख्त जरूरत है।
किराए पर सरकार की नजर और कार्गो सर्विस
फ्लाइट्स कम होने की वजह से टिकटों के दाम में उछाल देखा गया है। दुबई से मुंबई के लिए लास्ट मिनट की इकोनॉमी टिकट के दाम 2,800 दिरहम (करीब 760 डॉलर) तक पहुँचने की खबर है। भारत का नागरिक उड्डयन मंत्रालय इन किरायों पर नजर रख रहा है ताकि यात्रियों से गलत वसूली न हो सके।
यात्रियों के साथ-साथ जरूरी सामान की ढुलाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है। दवाइयों और जल्दी खराब होने वाले खाने-पीने के सामान (Perishables) को ले जाने के लिए कार्गो में खास जगह दी जा रही है। 1 मार्च से अब तक करीब 60 स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए 17,000 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
