पूरी खबर एक नजर,

  • Emiratisation को न मानना आरोपी पर भारी पड़ सकता है
  • करीब 2 फीसदी अमीराती कामगारों को नौकरी देना जरूरी

Emiratisation को न मानना आरोपी पर भारी पड़ सकता है

संयुक्त अरब अमीरात में Emiratisation को न मानना आरोपी पर भारी पड़ सकता है। प्राइवेट कंपनियों को इन नियमों को मानना जरूरी है वरना कम्पनी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

करीब 2 फीसदी अमीराती कामगारों को नौकरी देना जरूरी

ऐसी प्राइवेट कंपनियां जिनमें 50 या इससे अधिक कामगार हैं वहां करीब 2 फीसदी अमीराती कामगारों को नौकरी देना जरूरी है। इसके अलावा अमीराती कामगारों को कुछ इस तरह से नौकरी देना होगी ताकि अगले पांच सालों में अमीराती कामगारों का कोटा 2 फीसदी से 10 फीसदी हो जाना चाहिए।

सजा की बात करें तो जो भी कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करेगा उसे प्रत्येक बेरोजगार नागरिक Dh6,000 का जुर्माना लगाया जाएगा जो कि अगले साल Dh1,000 तक बढ़ा दिया जाएगा।

 

 

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।