Energy Crisis: Strait of Hormuz बंद होने से गैस के दाम बढ़े, एशिया और यूरोप में मचा हड़कंप
Middle East में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रुकने से एशिया और यूरोप में नेचुरल गैस की कीमतें जनवरी 2023 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। International Energy Agency (IEA) ने बताया कि इस वजह से ग्लोबल मार्केट में बड़ी अनिश्चितता पैदा हो गई है और सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हुई है।
🚨: Trump ने भारत को कहा ‘Hellhole’, भारत सरकार ने जताई नाराजगी, कहा यह बेहद गलत और अभद्र टिप्पणी है।
गैस की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई?
मार्च 2026 की शुरुआत से Strait of Hormuz के रास्ते जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे दुनिया की करीब 20% LNG सप्लाई मार्केट से बाहर हो गई है। इस संकट की वजह से कतर और UAE जैसे देशों से होने वाले निर्यात में कमी आई है और ग्लोबल उत्पादन में 8% की गिरावट दर्ज की गई। 20 अप्रैल 2026 को यूरोप में गैस की कीमतें एक ही दिन में 11% तक बढ़ गई थीं।
| विवरण | प्रभाव/डेटा |
|---|---|
| ग्लोबल LNG सप्लाई में कमी | करीब 20% |
| कुल उत्पादन में गिरावट | 8% (सालाना) |
| यूरोप में कीमतों की उछाल (20 अप्रैल) | 11% |
| कीमतें सामान्य होने का समय | 2 साल |
आगे क्या होगा और क्या समाधान है?
इस संकट को सुलझाने के लिए राष्ट्रपति Trump ने एलान किया है कि अगर ईरान Strait of Hormuz को दोबारा खोलता है, तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को दो हफ्ते के लिए रोक दिया जाएगा। इस मुद्दे पर बातचीत के लिए इस्लामाबाद में बैठक तय की गई है। वहीं IEA के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने चेतावनी दी है कि अगर रास्ता अभी खुल भी जाता है, तो कीमतों को सामान्य होने में दो साल का समय लगेगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक गतिविधियां धीमी हो सकती हैं।
सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ा है?
IEA की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के LNG इन्फ्रास्ट्रक्चर को पहुंचे नुकसान की वजह से सप्लाई ग्रोथ कम हो गई है। इस वजह से 2026 से 2030 के बीच लगभग 120 बिलियन क्यूबिक मीटर LNG सप्लाई का नुकसान हो सकता है। IMF और वर्ल्ड बैंक ने भी संयुक्त बयान में कहा है कि Middle East के संघर्ष की वजह से तेल और गैस की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहेगी, जिसका असर आम लोगों और उद्योगों पर पड़ेगा।