EPFO ने अपने काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव किया है। अब सदस्य अपने फोन के WhatsApp पर ही 24 घंटे मदद ले सकेंगे। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि सरकार का लक्ष्य कोर्ट केस कम करना और लोगों की शिकायतों को जल्दी सुलझाना है ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

EPFO ने कैसे कम किए कोर्ट केस और पेंडिंग मामले?

EPFO ने कानूनी मामलों को सुलझाने के लिए मिशन मोड में काम किया है। इसके लिए ‘निधि आपके निकट’ (NAN) प्रोग्राम चलाया गया जिसमें उपभोक्ता अदालतों के केस पहले ही पहचान लिए गए और उन्हें जल्द निपटाया गया। फरवरी-मार्च 2026 के दौरान सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल्स (CGITs) के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया, जिससे कई पुराने विवाद सुलझे।

कानूनी मामलों में आई कमी का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है:

केस की श्रेणी पहले की संख्या अब की संख्या कमी
उपभोक्ता अदालत केस (अप्रैल 2024 – मार्च 2026) 4,936 2,646 2,290
कुल कानूनी मामले (अप्रैल 2025 – अप्रैल 2026) 31,036 27,639 3,397
10 साल से पुराने केस 8,539 4,665 3,874
CGIT अपीलों का निपटारा 353

WhatsApp सेवा का लाभ कैसे उठाएं और इसमें क्या सुविधा मिलेगी?

EPFO की नई WhatsApp सेवा जल्द ही सभी सदस्यों के लिए उपलब्ध होगी। सदस्य EPFO के रजिस्टर्ड नंबर पर सिर्फ ‘Hello’ लिखकर बातचीत शुरू कर सकते हैं। इस नंबर पर पहचान के लिए हरा टिक (green tick) लगा होगा। यह सेवा क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए 24 घंटे काम करेगी।

  • सदस्य अपना PF बैलेंस, हाल के लेनदेन और क्लेम का स्टेटस चेक कर सकेंगे।
  • शुरुआत में यह सेवा उन लोगों के लिए होगी जिनका आधार ऑथेंटिकेशन अधूरा है या जिनका DBT चालू नहीं है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य कॉल सेंटर और दफ्तरों पर भीड़ को कम करना है।

Shram Suvidha 2.0 और UPI पेमेंट का नया अपडेट

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने श्रम कानूनों के पालन और शिकायतों के समाधान के लिए Shram Suvidha 2.0 और Samadhan 2.0 पोर्टल लॉन्च किए हैं। इसके अलावा EPFO अब भविष्य निधि (PF) के पैसे निकालने के लिए UPI पेमेंट गेटवे लाने पर विचार कर रहा है, जिसका टेस्टिंग प्रोसेस पूरा हो चुका है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

EPFO की WhatsApp सेवा का उपयोग कैसे करें?

सदस्य EPFO के रजिस्टर्ड और ग्रीन टिक वाले WhatsApp नंबर पर ‘Hello’ लिखकर मैसेज भेज सकते हैं, जिसके बाद ऑटोमेटेड सिस्टम उनकी मदद करेगा।

WhatsApp के जरिए कौन सी जानकारियां मिलेंगी?

इस सेवा के माध्यम से सदस्य अपना पीएफ बैलेंस, हालिया ट्रांजेक्शन और क्लेम स्टेटस जैसी बुनियादी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।