कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों के लिए विभिन्न जरूरतों जैसे इलाज, पढ़ाई, शादी और घर खरीदने के लिए रकम निकालने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। अब इसके लिए स्वचालित ‘रीके से दावा निपटान (ऑटो-मोड सेटलमेंट)’ सुविधा की शुरुआत की गई है। इस प्रक्रिया के तहत अब सदस्यों को उनकी राशि तीन दिन के भीतर मिल सकेगी, जबकि पहले इसमें 10 से 15 दिनों का समय लगता था।

प्रक्रिया में बदलाव

ईपीएफओ को अग्रिम राशि निकासी के दावे को निपटाने में सामान्यतः कुछ समय लगता था क्योंकि इस दौरान ईपीएफ सदस्य की पात्रता, दावे के लिए प्रस्तुत दस्तावेज, केवाईसी स्थिति, वैध बैंक खाते आदि की जांच की जाती थी। अब स्वचालित दावा निपटान प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है, जिससे यह प्रक्रिया और भी सरल और तेज हो गई है।

आंकड़े बताते हैं सुधार

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, ईपीएफओ ने लगभग 4.45 करोड़ दावों का निपटान किया, जिनमें से 2.84 करोड़ दावे अग्रिम निकासी के थे। अब स्वचालित प्रक्रिया से समय की बचत होगी और सदस्यों को अधिक सुविधा मिलेगी।

स्वचालित निपटान की प्रमुख बातें:

  1. तीन दिनों में निपटान: स्वचालित प्रक्रिया के तहत अब दावे का निपटान केवाईसी, पात्रता और बैंक खाते की जांच आईटी टूल द्वारा किया जाएगा। इससे दावा निपटान की अवधि 10 दिनों से घटाकर 3-4 दिनों तक हो गई है।
  2. अधिक राशि निकालने की सुविधा: अब सदस्य ऑटो-मोड सेटलमेंट के जरिए एक लाख रुपये तक निकाल सकेंगे। पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी।
  3. दावा खारिज नहीं होगा: अगर कोई दावा स्वचालित तरीके से पूरा नहीं होता है, तो वह वापस या खारिज नहीं किया जाएगा। इसे दूसरे स्तर की जांच और अनुमोदन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा और इसे निपटाया जाएगा।

दावे कैसे करें:

ईपीएफओ के ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑटो मोड के तहत अग्रिम राशि निकालने के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए सदस्य को फॉर्म – 31 ऑनलाइन भरकर जमा करना अनिवार्य है।

प्रभाव की संभावना

भविश्य निधि से रकम निकालने पर पेंशन निधि पर कुछ प्रभावित हो सकता है। विभिन्न राशि निकालने पर कितना नुकसान हो सकता है, उसका विवरण इस प्रकार हो सकता है:

  • 10,000 रुपये निकालने पर 20 साल बाद: 1 लाख 1 हजार रुपये
  • 50,000 रुपये निकालने पर 30 साल बाद: 2 लाख 28 हजार रुपये
  • 1 लाख रुपये निकालने पर 30 साल बाद: 5 लाख 71 हजार रुपये
  • 2 लाख रुपये निकालने पर 20 साल बाद: 11 लाख 43 हजार रुपये

भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव से इन आंकड़ों में परिवर्तन संभव हो सकता है।

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