Erbil में ड्रोन हमला, ईरान पर लगा गंभीर आरोप, प्रधानमंत्री मसरूर बारजानि के दफ्तर को बनाया गया निशाना.

Praggya Singh sabal17 August 20262 min read70 viewsWorld
Erbil में ड्रोन हमला, ईरान पर लगा गंभीर आरोप, प्रधानमंत्री मसरूर बारजानि के दफ्तर को बनाया गया निशाना.

कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार यानी KRG ने आधिकारिक रूप से ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार, 17 अगस्त 2026 को एरबिल के पिरमाम जिले में दो खतरनाक ड्रोन से हमले किए गए। इन हमलों में प्रधानमंत्री मसरूर बारजानि के निजी दफ्तर और परास्तिन खुफिया एजेंसी के प्रमुख के आवास को निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।

कुर्दिस्तान काउंटर-टेररिस्ट सर्विस का बड़ा खुलासा

कुर्दिस्तान काउंटर-टेररिस्ट सर्विस ने जानकारी दी है कि जो ड्रोन हमले में इस्तेमाल किए गए वे Hadid-110 किस्म के विस्फोटक से लैस थे। ये दोनों ड्रोन सीधे तौर पर ईरानी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे। राहत की बात यह रही कि इस बड़े हमले में किसी भी तरह का जानी नुकसान या कोई बहुत बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, सरकार और स्थानीय प्रशासन इसे बहुत गंभीरता से ले रहा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

KRG नेतृत्व और ईरान का पक्ष

KRG के शीर्ष नेतृत्व ने इस घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक खतरनाक escalation है और सीधे तौर पर उनकी संप्रभुता का उल्लंघन है। दूसरी तरफ, तेहरान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक संदिग्ध फॉल्स-फ्लाग ऑपरेशन बताया है, जिसका मकसद सिर्फ ईरान को इस मामले में फंसाना है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और जांच के आदेश

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने तुरंत प्रभाव से आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने इन प्रोजेक्टाइल यानी ड्रोन्स के लॉन्च होने की असली जगह का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच बिठा दी है। इस घटना के बाद से अमेरिका, यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम समेत कई बड़े देशों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया है और क्षेत्रीय अखंडता के इस उल्लंघन की गहन जांच की मांग की है।

Share:

Comments

Leave a comment