इथियोपिया की राजधानी Addis Ababa में पेट्रोल की भारी किल्लत हो गई है। लोग अपनी गाड़ियों में तेल भरवाने के लिए कई दिनों तक लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। यह संकट दुनिया में चल रहे ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुआ है जिसने तेल की सप्लाई चेन को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
इथियोपिया में तेल की कमी क्यों हुई और सरकार ने क्या कहा?
इथियोपिया के व्यापार और क्षेत्रीय एकीकरण मंत्री Kassahun Gofe ने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से तेल की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। इस वजह से लगभग 1,80,000 मीट्रिक टन ईंधन देश नहीं पहुँच पाया। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं और सरकार को अब पहले के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा दाम पर ईंधन खरीदना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार हर महीने लगभग 20 अरब बीर की सब्सिडी दे रही है ताकि आम लोगों पर बोझ न पड़े।
संकट से निपटने के लिए सरकार ने क्या नियम लागू किए हैं?
तेल की कमी को देखते हुए सरकार ने कुछ कड़े कदम उठाए हैं ताकि जरूरी सेवाएं चलती रहें।
- प्राथमिकता प्रणाली: अब ट्रांसपोर्टरों, बड़े निर्यातकों, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, खेती की मशीनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ईंधन देने में प्राथमिकता दी जा रही है।
- निगरानी टास्क फोर्स: तेल के वितरण पर नजर रखने के लिए एक नेशनल मॉनिटरिंग टास्क फोर्स बनाई गई है।
- अवैध व्यापार पर कार्रवाई: पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तेल की कालाबाजारी रोकने के लिए अभियान चलाया है। इसमें अब तक 658 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 7,20,000 लीटर से ज्यादा अवैध तेल जब्त किया गया है।
प्रधानमंत्री Abiy Ahmed ने भी देश के लोगों से अपील की है कि वे तेल का इस्तेमाल बहुत कम करें और सिर्फ बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दें।
ईरान युद्ध और दुनिया के हालात का क्या असर है?
यह पूरा संकट 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ईरान युद्ध की वजह से है जिसमें अमेरिका और इसराइल शामिल हैं। इस लड़ाई की वजह से Strait of Hormuz जैसा महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता बंद हो गया है जिससे दुनिया भर में व्यापार प्रभावित हुआ है। 26 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशें भी नाकाम हो गईं क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान जाने वाले अपने दूतों का दौरा रद्द कर दिया। साथ ही अमेरिकी नौसेना ने 25 अप्रैल को अरब सागर में ईरान से जुड़े एक जहाज को भी रोका था। इन सब घटनाओं की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ी हुई है जिसका असर अब इथियोपिया जैसे देशों में पेट्रोल की लाइनों के रूप में दिख रहा है।