UAE में क्रेडिट रिपोर्टिंग का दायरा बड़ा, अब छोटे लोन और डिजिटल भुगतान की भी होगी पूरी जानकारी.

यूनाइटेड अरब अमीरात में रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। एतिहाद क्रेडिट ब्यूरो यानी Etihad Credit Bureau (ECB) ने देश के क्रेडिट रिपोर्टिंग सिस्टम में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है। अब यूएई के लोगों की क्रेडिट रिपोर्ट में छोटे यानी माइक्रो-लोन का डेटा भी शामिल कर दिया गया है। यह नया नियम आगामी 25 अगस्त 2026 से पूरी तरह लागू हो रहा है। इस बदलाव से उन सभी लोगों पर असर पड़ेगा जो छोटे लोन लेते हैं या डिजिटल माध्यमों से पैसे उधार लेते हैं। यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह नियम बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि लोन लेते समय अब उनके पूरे वित्तीय इतिहास की जांच की जाएगी।
इस नए बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले जुलाई महीने में बाय नाउ पे लेटर यानी BNPL सेवाओं का डेटा भी इसमें जोड़ा गया था। इसमें टैबी और तमारा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं। अब इस कड़ी में डिजिटल फिनटेक प्रदाता कैशनाउ का डेटा भी जोड़ दिया गया है। कैशनाउ की तरफ से यह प्रक्रिया साल 2025 की दूसरी तिमाही में शुरू की गई थी। बॉटम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आस्ट्रिया टेक के बोर्ड मेंबर Dr. Tariq BinHendi ने यह कन्फर्म किया है कि उनके प्लेटफॉर्म से 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों की प्रोफाइल को क्रेडिट ब्यूरो को सौंप दिया गया है।
क्रेडिट रिपोर्ट में क्या-क्या होगा शामिल
एतिहाद क्रेडिट ब्यूरो के महानिदेशक Marwan Ahmad Lutfi ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि इस तरह के तमाम डेटा के जुड़ने से किसी भी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो जाती है। इस सिस्टम में केवल लोन ही नहीं बल्कि अन्य वित्तीय जानकारियां भी शामिल हैं। इसमें जनरल पेंशन और सोशल सुरक्षा प्राधिकरण यानी GPSSA से मिलने वाली पेंशन की जानकारी भी शामिल है। इसके अलावा नाफिस योजना का सपोर्ट डेटा भी इसमें जोड़ दिया गया है, जिसे 28 जुलाई 2026 को शामिल किया गया था। इन सभी जानकारियों के मिलने से बैंक और वित्तीय संस्थानों को यह समझने में आसानी होती है कि ग्राहक की असली वित्तीय हालत कैसी है।
आपको बता दें कि यह क्रेडिट ब्यूरो फेडरल क्रेडिट इंफॉर्मेशन लॉ संख्या 6 के तहत साल 2010 और इसके साल 2020 के संशोधन के नियमों के आधार पर काम करता है। यह संस्था लगातार अपने सिस्टम को बेहतर बनाने का काम कर रही है। इसी कड़ी में पिछले साल 30 मार्च 2026 को कॉर्पोरेट जोखिम आकलन के डेटा का भी विस्तार किया गया था। इसके साथ ही सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर क्रेडिट स्कोर 3.0 लॉन्च करने की तैयारी भी चल रही है, जिसे इस साल की पहली छमाही के खत्म होने से पहले ही शुरू किया जाना है। इस पूरी खबर के बारे में आधिकारिक और विस्तृत जानकारी आप WAM News की वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।
बैंकों के लिए नया नियम और कर्ज लेने की प्रक्रिया
यूएई के सेंट्रल बैंक के नए नियमों के मुताबिक अब देश के सभी लाइसेंस प्राप्त कर्जदाताओं यानी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे किसी को भी लोन देने से पहले उसके क्रेडिट रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच करें। बैंकों को यह देखना होगा कि ग्राहक की लोन चुकाने की क्षमता यानी अफोर्डेबिलिटी कैसी है। इसके साथ ही लोन से जुड़े सभी शुल्क, ब्याज दरें और सालाना प्रतिशत यानी APR की पूरी जानकारी ग्राहक को शुरुआत में ही साफ-साफ बतानी होगी। इससे यूएई में काम करने वाले प्रवासियों को लोन लेते समय किसी भी तरह की छिपी हुई फीस या धोखे का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपनी आर्थिक प्लानिंग बहुत ही आसानी से कर सकेंगे।