Iran पर EU और 26 देशों का बड़ा एक्शन, मौत की सजा तुरंत रोकने और कैदियों को रिहा करने की उठी मांग

यूरोपीय यूनियन यानी EU और दुनिया के 26 अन्य देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। 12 अगस्त 2026 को इन सभी देशों ने एक साझा बयान जारी किया है जिसमें ईरान में प्रदर्शनकारियों को दी जा रही मौत की सजा की कड़ी निंदा की गई है। इस बड़े गठबंधन ने तेहरान सरकार से साफ शब्दों में कहा है कि वह तुरंत इस अमानवीय प्रक्रिया को रोके और जितने भी लोगों को बिना किसी ठोस कारण के जेल में बंद किया गया है, उन्हें फौरन रिहा करे। इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि मानवाधिकारों का हनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने किया साझा बयान का ऐलान
फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने इस संयुक्त बयान का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया। इस महत्वपूर्ण घोषणा को यूरोपीय यूनियन के शीर्ष राजनयिक का भी पूरा समर्थन प्राप्त है। जारी किए गए बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि मौत की सजा का इस्तेमाल केवल आवाज़ों को दबाने, आम लोगों में डर पैदा करने और उन नागरिकों को सजा देने के लिए किया जा रहा है जो अपने बुनियादी मानवाधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन देशों का साफ कहना है कि इस तरह के हथकंडे अपनाना पूरी तरह से गलत है और ईरान को अब अपनी जनता की बात सुननी चाहिए जो देश में बदलाव चाहती है।
ईरान में इस साल हो चुकी हैं सैकड़ों फांसी
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था Abdorrahman Boroumand Center for Human Rights in Iran की तरफ से चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक ईरान में कम से कम 916 लोगों को फांसी दी जा चुकी है, जिनमें अकेले अगस्त के महीने में 15 मामले सामने आए हैं। कई प्रदर्शनकारियों पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं जिनमें उन्हें सीधे मौत की सजा मिल सकती है। मानवाधिकार संगठनों का यह भी कहना है कि इन लोगों के मुकदमे बहुत जल्दीबाजी में चलाए गए हैं और उन्हें सही तरीके से अपनी बात रखने का कानूनी मौका भी नहीं दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहा है दबाव
ईरान में बढ़ती इन घटनाओं को लेकर दुनिया भर की बड़ी संस्थाएं पहले भी अपनी कड़ी चिंता जता चुकी हैं। इसी साल अप्रैल के महीने में यूरोपीय यूनियन ने और फिर 5 अगस्त 2026 को यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने ईरान द्वारा असंतोष की आवाज़ों को कुचलने के लिए अपनाए जा रहे इन तरीकों पर गहरी आपत्ति जताई थी। अब देखना यह होगा कि इस ताजा अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ईरान सरकार अपने फैसलों में क्या बदलाव करती है क्योंकि वहां के आम नागरिक लगातार हालात सुधारने की मांग कर रहे हैं।