यूरोपीय संघ (EU) और खाड़ी देशों ने 18 जुलाई 2026 को एक संयुक्त बयान जारी कर साफ कर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को कोई रोक नहीं सकता। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी के लिए खुला है और कोई भी देश इस पर न तो टैक्स लगा सकता है और न ही आने-जाने पर कोई शर्त थोप सकता है।
ईरान के खिलाफ कड़ी चेतावनी
ब्रसेल्स में 13 जुलाई 2026 को हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में EU की ओर से Kaja Kallas और बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने ईरान की हरकतों की कड़ी निंदा की। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ईरान लगातार कमर्शियल जहाजों पर हमले कर रहा है और खाड़ी देशों, जैसे कुवैत और यूएई की संप्रभुता को चुनौती दे रहा है। ये हमले UN के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन माने गए हैं।
नाविकों की सुरक्षा पर खतरा
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कुवैत के डिसेलिनेशन प्लांट समेत कई इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन तनावपूर्ण हालातों के चलते हॉर्मुज से होने वाला समुद्री व्यापार लगभग ठप हो चुका है। अमेरिका भी पिछले सात दिनों से लगातार ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है ताकि समुद्र में नेविगेशन की आजादी बनी रहे। जानकारों का कहना है कि ईरान समुद्र में अपनी मर्जी चलाने की कोशिश कर रहा है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
