मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और तनाव के बीच यूरोपीय यूनियन ने एक बड़ी मानवीय सहायता की घोषणा की है। 16 मार्च 2026 को यूरोपीय यूनियन ने मिडिल ईस्ट के प्रभावित देशों के लिए 458 मिलियन यूरो (लगभग 525 मिलियन डॉलर) की मदद देने का ऐलान किया है। यह कदम ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध और लेबनान में हो रहे इजरायली हमलों के बाद उठाया गया है। इस फंड का इस्तेमाल युद्ध से प्रभावित आम नागरिकों के बचाव और राहत कार्यों के लिए किया जाएगा।

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राहत राशि का वितरण किन देशों में होगा

इस 458 मिलियन यूरो के पैकेज को अलग-अलग देशों की जरूरत के हिसाब से बांटा गया है। इसके लिए यूनाइटेड नेशंस की एजेंसियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। फंड का मुख्य हिस्सा उन देशों को मिलेगा जहां मानवीय संकट सबसे ज्यादा है।

  • Syria: 210 मिलियन यूरो जीवन रक्षक आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा के लिए दिए गए हैं जिससे 1.65 करोड़ लोगों को मदद मिलेगी।
  • Palestine: 124 मिलियन यूरो गाजा और वेस्ट बैंक में भोजन, स्वास्थ्य और आश्रय के लिए रखे गए हैं।
  • Lebanon: 100 मिलियन यूरो स्वास्थ्य सेवाओं और 8 लाख विस्थापित लोगों के आश्रय के लिए है।
  • Jordan: 15.5 मिलियन यूरो आवश्यक सेवाओं और शरणार्थियों के समर्थन के लिए दिए जाएंगे।
  • Egypt: 8 मिलियन यूरो सबसे कमजोर लोगों की सहायता के लिए आवंटित हुए हैं।

खाड़ी देशों और प्रवासी नागरिकों पर असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे इस युद्ध का असर खाड़ी देशों पर भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में Dubai International Airport और फुजैरा के पास ड्रोन हमले की खबरें सामने आई हैं। इसके कारण दुबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। ईरान ने यह भी साफ किया है कि Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद नहीं है, लेकिन इसे विशेष परिस्थितियों में रखा गया है जिससे विरोधी जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। जो भारतीय या प्रवासी नागरिक खाड़ी देशों में रहते हैं और अक्सर यात्रा करते हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट्स और यात्रा की जानकारी पहले से चेक करते रहनी चाहिए।

यूरोपीय यूनियन का इस फैसले पर बयान

यूरोपीय यूनियन की कमिश्नर हडजा लहबीब ने कहा कि यूरोप इस गंभीर संकट में सबसे बड़े डोनर के रूप में आगे आ रहा है जबकि अन्य लोग पीछे हट रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून आम नागरिकों की रक्षा के लिए बना है और यूरोप हमेशा इसका बचाव करेगा। वहीं लेबनान में राहत सामग्री सीधे पहुंचाने के लिए EU Humanitarian Airbridge फ्लाइट्स शुरू कर दी गई हैं। इसके अलावा UK के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि उनका देश Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए काम कर रहा है और इस बड़े युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com