Cyprus के Nicosia में EU और अरब देशों के बड़े नेताओं की एक ज़रूरी मीटिंग हुई. इसमें अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और Lebanon में बढ़ते तनाव पर बात हुई. साथ ही दुनिया भर में बढ़ती ऊर्जा की कीमतों और तेल के दामों को लेकर भी चर्चा की गई ताकि आम लोगों पर बोझ कम हो सके.

मिडिल ईस्ट और ईरान युद्ध पर क्या चर्चा हुई?

EU और अरब देशों ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को बहुत ज़रूरी बताया. EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने कहा कि ईरान के साथ कोई भी नया समझौता परमाणु विशेषज्ञों के बिना कमज़ोर होगा. फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इसराइल को Lebanon में अपनी ज़मीन हड़पने की कोशिश छोड़ने की सलाह दी. Syria के राष्ट्रपति Ahmed al-Sharaa ने EU से मांग की कि वे Syria पर होने वाले इसराइली हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएं.

यूक्रेन की मदद और रूस पर प्रतिबंधों का क्या अपडेट है?

इस मीटिंग के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy भी शामिल हुए. मीटिंग से पहले EU राजदूतों ने यूक्रेन के लिए 2026-2027 के लिए 90 अरब यूरो के लोन को मंज़ूरी दे दी. साथ ही रूस पर 20वें प्रतिबंध पैकेज को भी लागू किया गया. 23 अप्रैल को हुई चर्चा में मुख्य रूप से सुरक्षा और रक्षा के मुद्दों पर बात की गई.

ऊर्जा संकट और आम लोगों के लिए क्या योजना है?

European Commission की प्रेसिडेंट Ursula von der Leyen ने AccelerateEU नाम का एक नया प्लान पेश किया. इस योजना का मकसद घरों और फैक्ट्रियों को ऊर्जा संकट से बचाना और साफ़ ऊर्जा की तरफ बढ़ना है. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक Lebanon में शांति नहीं होगी, तब तक मिडिल ईस्ट में स्थिरता नहीं आ सकती. मीटिंग में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि आम जनता को बिजली और तेल की बढ़ती कीमतों से राहत मिलनी चाहिए.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com