यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान की राजधानी Tehran में दो French राजनयिकों पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है। यह घटना 19 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसके बाद 28 जुलाई 2026 को EU ने इसे वियना कन्वेंशन (Vienna Conventions) का खुला उल्लंघन करार दिया।
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हमले की पूरी जानकारी
EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। वहीं, France के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने इसे पूर्व नियोजित डराने की कोशिश करार दिया है। उनके अनुसार, दोनों राजनयिकों को एक निजी जगह से बर्बरता से गिरफ्तार किया गया और लगभग चार घंटे तक बिना किसी संपर्क के हिरासत में रखा गया था।
ईरान का पक्ष
इस पूरे मामले पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ये राजनयिक मानवाधिकारों और नागरिक समाज को बढ़ावा देने के नाम पर ईरान के आंतरिक मामलों में दखल दे रहे थे। ईरान ने इन गतिविधियों को 1961 वियना कन्वेंशन के दायरे से बाहर बताया और France से माफी की मांग की है। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की मांग तेज हो गई है।
