यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान में फ्रांसीसी दूतावास के दो राजनयिकों के साथ हुई सुरक्षा बलों की बदसलूकी की कड़ी निंदा की है। यह घटना 19 जुलाई को तेहरान में हुई थी। EU के अनुसार, राजनयिकों के साथ हुआ यह व्यवहार अंतरराष्ट्रीय विएना कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है और इससे राजनयिक संबंधों पर गहरा असर पड़ता है।
फ्रांस ने बताया बेहद गंभीर मामला
फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने इस घटना को पूर्व नियोजित और बेहद गंभीर करार दिया है। उन्होंने बताया कि राजनयिकों को एक निजी स्थान से जबरन गिरफ्तार किया गया और उन्हें करीब चार घंटे तक बिना किसी संचार के हिरासत में रखा गया। फ्रांस ने साफ कहा है कि राजनयिक छूट का यह उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके परिणाम होंगे। इस मामले को लेकर EU की प्रतिनिधि Kaja Kallas ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात भी की है।
ईरान ने आरोपों को नकारा
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि फ्रांसीसी राजनयिकों की गतिविधियां 1961 के विएना कन्वेंशन के दायरे में नहीं आती थीं। ईरान ने दावा किया कि ये राजनयिक मानवाधिकार और नागरिक समाज को बढ़ावा देने जैसे भ्रामक नारों के जरिए देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे थे। ईरान ने इसके जवाब में फ्रांसीसी राजदूत को तलब किया है और उनसे माफी की मांग की है।
