कुवैत पर ईरान की तरफ से हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। 29 मई 2026 को यूरोपीय संघ ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। कुवैती सेना ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और कुवैत दोनों ने ही इस हमले पर सख्त आपत्ति जताई है।

कुवैत पर ईरान ने क्यों किया हमला और कैसे हुआ बचाव?

कुवैती विदेश मंत्रालय और सुरक्षा बलों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की रात ईरान की तरफ से मिसाइलें और ड्रोन दागे गए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि 27 मई 2026 की रात को कुवैत की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जिसे कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि उन्होंने कुवैत में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया था, क्योंकि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास हवाई हमला किया था।

यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने क्या कहा?

यूरोपीय संघ के प्रवक्ता और प्रतिनिधि काजा कल्लास ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कुवैत के साथ एकजुटता दिखाई है। यूरोपीय संघ ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सीधा उल्लंघन है। संघ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को पूरी तरह लागू करने की मांग की है, जिसमें ईरान को खाड़ी देशों पर हमले रोकने के लिए कहा गया था। कुवैत ने भी साफ किया है कि उसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार है।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर क्या होगा असर?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस मिसाइल हमले को युद्धविराम समझौते का बड़ा उल्लंघन बताया है। हालांकि, इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 29 मई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और नई परमाणु वार्ता शुरू करने पर एक शुरुआती सहमति बन गई है। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। इस तनावपूर्ण माहौल में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों देशों के बीच युद्धविराम आगे बढ़ पाता है या नहीं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर ईरान ने कब हमला किया?

ईरान की तरफ से कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले 27 मई और 28 मई 2026 की रात को किए गए, जिन्हें कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।

यूरोपीय संघ ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया है?

यूरोपीय संघ ने कुवैत का समर्थन करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया है।