यूरोपीय संघ (EU) ने गुरुवार को ईरान की सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन की लिस्ट में डाल दिया है। 29 जनवरी 2026 को ब्रुसेल्स में हुई एक जरूरी मीटिंग में सभी 27 सदस्य देशों ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। इस फैसले के बाद अब IRGC का नाम अल-कायदा और ISIS जैसे संगठनों के साथ जुड़ गया है। EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने साफ शब्दों में कहा कि जो सरकार अपने ही हजारों नागरिकों की जान लेती है, वह अपने खात्मे की ओर खुद बढ़ रही है।

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पाबंदी लगने के बाद अब क्या-क्या बदलेगा?

इस बड़े फैसले के साथ ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड पर कई तरह के कड़े नियम लागू हो गए हैं। इसका सीधा असर वहां की फंडिंग और आवाजाही पर पड़ेगा।

  • संपत्ति होगी फ्रीज: यूरोपीय देशों में मौजूद IRGC की सारी संपत्ति और बैंक खाते सीज कर दिए जाएंगे।
  • सफर पर रोक: इस संगठन के सदस्यों को अब यूरोप के किसी भी देश में घुसने की इजाजत नहीं होगी।
  • फंडिंग बंद: यूरोप का कोई भी नागरिक या कंपनी अब IRGC को किसी भी तरह का पैसा या आर्थिक मदद नहीं दे सकेगी।

ईरान के किन बड़े अधिकारियों पर हुआ एक्शन?

सिर्फ पूरी सेना ही नहीं, बल्कि ईरान के कई बड़े अधिकारियों को भी अलग से निशाने पर लिया गया है। EU ने गृह मंत्री Eskandar Momeni समेत कुल 15 लोगों और 6 संस्थाओं पर पाबंदी लगाई है। इन लोगों पर आम जनता के प्रदर्शनों को कुचलने और मानवाधिकारों को न मानने का आरोप है।

इसके अलावा अभियोजक जनरल Mohammad Movahedi-Azad और जज Iman Afshari का नाम भी ब्लैकलिस्ट में डाला गया है। रूस को मिसाइल और ड्रोन भेजने के मामले में भी 4 अन्य लोगों पर कार्रवाई की गई है।

तेल-सोने के भाव चढ़े और ईरान की धमकी

इस फैसले का असर पूरी दुनिया के बाजार पर तुरंत देखने को मिला है। तनाव बढ़ने के डर से कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें उछलकर 67.03 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। वहीं निवेशक अब सोने की तरफ भाग रहे हैं जिससे सोना 5,600 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

उधर ईरान ने भी अपने तेवर तीखे कर लिए हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में लाइव फायरिंग के साथ बड़ी नेवल ड्रिल करने का ऐलान किया है। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है। ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.