European Union (EU) के देश अब उन बड़ी एनर्जी कंपनियों पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रहे हैं जिन्होंने ईरान युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों से मोटा मुनाफा कमाया है. ग्रीस और स्पेन जैसे देशों ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया है. इस फैसले का मुख्य मकसद आम लोगों के लिए महंगाई को कम करना और उन्हें आर्थिक राहत पहुँचाना है.

एनर्जी कंपनियों पर टैक्स क्यों लगाया जा रहा है?

फरवरी 28 से ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ गईं. पिछले छह हफ्तों में गैस की कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया. इस वजह से Shell, BP और TotalEnergies जैसी बड़ी तेल और गैस कंपनियों के मुनाफे में भारी बढ़ोतरी हुई. अब यूरोपीय देश इस अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स लगाकर उसका इस्तेमाल आम जनता की मदद के लिए करना चाहते हैं.

कितने देश हैं इस टैक्स के पक्ष में और क्या है नियम?

जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया ने इस टैक्स के लिए यूरोपीय आयोग से औपचारिक अनुरोध किया था. यह प्रस्ताव 3 अप्रैल 2026 को EU क्लाइमेट कमिश्नर Wopke Hoekstra के सामने रखा गया था. 15 मई 2026 को निकोसिया (Nicosia) में होने वाली मीटिंग में इस पर औपचारिक चर्चा होगी. यह नया टैक्स 2022 के पुराने नियमों की तरह हो सकता है, जहाँ मुनाफे के एक तय हिस्से पर टैक्स लगाया गया था.

विवरण जानकारी
समर्थन करने वाले देश जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, ऑस्ट्रिया और ग्रीस
प्रस्तावित टैक्स दर 33% (पुराने नियमों के आधार पर)
मुनाफे की सीमा पिछले 4 साल के औसत से 20% अधिक मुनाफा
गैस कीमतों में वृद्धि 6 हफ्ते में 70% से ज्यादा
मीटिंग की तारीख 15 मई 2026
मीटिंग का स्थान निकोसिया (Nicosia)
मुख्य लक्ष्य महंगाई कम करना और उपभोक्ता राहत

यूरोपीय आयोग फिलहाल इन अनुरोधों की जांच कर रहा है. उम्मीद है कि जल्द ही ऐसे आपातकालीन उपाय लागू होंगे जिससे देशों का बजट न बिगड़े और महंगाई पर काबू पाया जा सके. पुर्तगाल जैसे कुछ देश EU के फैसले का इंतजार किए बिना अपने स्तर पर भी नेशनल टैक्स लाने की योजना बना रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह टैक्स किन कंपनियों पर लागू हो सकता है?

यह टैक्स मुख्य रूप से तेल और गैस कंपनियों जैसे Shell, BP और TotalEnergies पर लग सकता है. साथ ही, बिजली कंपनियों को भी इसके दायरे में लाने पर चर्चा चल रही है.

इस टैक्स से आम जनता को क्या फायदा होगा?

कंपनियों से वसूले गए इस टैक्स के पैसे का इस्तेमाल कंज्यूमर रिलीफ के लिए किया जाएगा, जिससे आम लोगों के लिए ऊर्जा की कीमतों में कमी आएगी और महंगाई घटेगी.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.