यूरोपीय संघ (EU) और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों और क्षेत्रीय देशों पर हो रहे ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। यह बयान 13 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में आयोजित एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा फोरम के दौरान जारी किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता EU की उच्च प्रतिनिधि Kaja Kallas और बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने संयुक्त रूप से की।
हमलों के खिलाफ सख्त रुख
इस संयुक्त बयान में बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, ओमान और जॉर्डन पर हुए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया है। EU और GCC ने स्पष्ट कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षित है और ईरान का इस पर एकतरफा नियंत्रण का दावा पूरी तरह गलत है। ईरान को तुरंत अपने हमले रोकने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने के लिए कहा गया है। जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन (E3) ने भी इस मामले में अपना अलग बयान जारी कर शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर
क्षेत्र में स्थिति लगातार बिगड़ रही है और 17 से 18 जुलाई 2026 के बीच अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सातवीं रात भी संघर्ष हुआ। कुवैत ने आरोप लगाया कि ईरान ने नागरिक सुविधाओं, जैसे पावर और पानी के प्लांट को निशाना बनाया है, जिससे वहां पानी की सप्लाई प्रभावित हुई और लोगों को चोटें आईं। बहरीन और जॉर्डन ने भी ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में नष्ट करने की सूचना दी है। GCC महासचिव ने कुवैती नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि IRGC ने खाड़ी में जहाजों को रोकने और अमेरिकी बेस पर हमले के दावे किए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
