यूरोपीय संघ EU और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल GCC ने ईरान द्वारा Strait of Hormuz में लगातार किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। ब्रसेल्स में 18 जुलाई 2026 को जारी किए गए एक साझा बयान में दोनों गुटों ने साफ़ कहा है कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी किसी भी देश की मर्जी की मोहताज नहीं है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के लिए समान है।

🚨: UAE का बड़ा बयान, क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए की अपील, होरमुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर दिया ज़ोर।

हमलों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

EU की हाई रिप्रेजेंटेटिव Kaja Kallas और बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान का व्यवहार निर्दोष लोगों और नाविकों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गया है। उन्होंने साफ किया कि ईरान का किसी भी देश के जहाज पर परमिट, टैक्स या कोई भी पाबंदी लगाना पूरी तरह गलत है। UN Security Council Resolution 2817 के मुताबिक, यह समुद्री रास्तों पर कब्जा करने या रुकावट डालने की कोशिश है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रभावित देशों के साथ दिखाई एकजुटता

इस फैसले के तहत EU और GCC ने उन देशों के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है जो इस तनाव से प्रभावित हैं, जिनमें Bahrain, Kuwait, UAE, Qatar, Oman और Jordan शामिल हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया कि अगर एक देश की सुरक्षा खतरे में है, तो यह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। दोनों गुटों ने ईरान से मांग की है कि वह बिना किसी शर्त के हमलों को तुरंत बंद करे और समुद्री व्यापार को सुचारू रूप से चलने दे। शांति बनाए रखने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते को अपनाने पर जोर दिया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.