EU के विदेश मंत्रियों ने ब्रुसेल्स में एक अहम बैठक की है। इस मीटिंग में उन्होंने GCC देशों के साथ रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्य रूप से ईरान की वजह से Strait of Hormuz में बढ़ रहे तनाव और व्यापारिक रास्तों पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा हुई, जिस पर सख्त कदम उठाने का फैसला लिया गया है।

EU और GCC देशों के बीच क्या बड़ी बातें हुईं?

EU की हाई रिप्रेजेंटेटिव Kaja Kallas ने बैठक के बाद बताया कि यूरोपीय संघ अब सभी छह खाड़ी देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा। सुरक्षा और डिफेंस के क्षेत्र में सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, ऑस्ट्रिया के चांसलर ने UAE के साथ होने वाले Comprehensive Economic Partnership Agreement का पूरा समर्थन किया है। यह पूरा सहयोग 1989 के एक पुराने समझौते पर आधारित है, जिसे अक्टूबर 2024 के समिट में फिर से पक्का किया गया था।

ईरान की हरकतों और समुद्र की सुरक्षा पर क्या फैसला हुआ?

मीटिंग में इस बात पर चिंता जताई गई कि ईरान के हालिया हमलों की वजह से Strait of Hormuz की स्थिति खराब हुई है, जिससे व्यापारिक रास्तों पर बुरा असर पड़ा है। इसे रोकने के लिए EU ने Operation ASPIDES नाम के नेवल मिशन को और मजबूत करने की योजना बनाई है। EU उन संस्थाओं और लोगों पर नए प्रतिबंध लगाएगा जो समुद्र में जहाजों के आने-जाने के रास्ते में रुकावट डाल रहे हैं या इस तनाव से मुनाफा कमा रहे हैं।

खाड़ी देशों के लिए यह फैसला क्यों जरूरी है?

फिनलैंड के राजदूत Juha Mustonen ने बताया कि यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा और ट्रेड कनेक्टिविटी के लिए खाड़ी देश बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसी वजह से EU अब अपनी नीतियों में बदलाव कर रहा है ताकि GCC देशों के साथ सुरक्षा और वित्तीय लचीलेपन को बढ़ाया जा सके। GCC महासचिव Jasem Albudaiwi ने भी सुरक्षा उपायों का समर्थन किया है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

EU और GCC के रिश्तों का मुख्य आधार क्या है?

EU और GCC का सहयोग 1989 के एक समझौते पर टिका है। इसे अक्टूबर 2024 के ब्रुसेल्स समिट में फिर से दोहराया गया था और 2022-2027 के लिए एक नया एक्शन प्रोग्राम भी मंजूर किया गया है।

Operation ASPIDES क्या है और इसका मकसद क्या है?

Operation ASPIDES यूरोपीय संघ का एक नेवल मिशन है। इसका मुख्य मकसद समुद्र में जहाजों की आवाजाही की आजादी को सुरक्षित रखना और नेविगेशन में आने वाली रुकावटों को दूर करना है।