यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 16 व्यक्तियों और 3 संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह कार्रवाई ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के खिलाफ की गई हिंसक कार्रवाई के जवाब में की गई है। सऊदी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला 16 मार्च 2026 को लिया गया। इन प्रतिबंधों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो वहां की सत्ता में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रतिबंधों के दायरे में क्या-क्या शामिल है?

यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए इन नए नियमों के कारण प्रभावित व्यक्तियों और संस्थाओं पर कई तरह की पाबंदियां रहेंगी। इससे ईरान के उन अधिकारियों की मुश्किल बढ़ेगी जो अक्सर यूरोप की यात्रा करते हैं या वहां निवेश रखते हैं। मुख्य नियमों की जानकारी नीचे दी गई है:

  • संपत्ति पर रोक: यूरोपीय संघ के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इन सभी 19 लक्ष्यों की संपत्तियों और बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कर दिया गया है।
  • यात्रा प्रतिबंध: लिस्ट में शामिल सभी 16 व्यक्तियों के यूरोपीय देशों में प्रवेश करने या वहां से ट्रांजिट करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • वित्तीय पाबंदी: यूरोपीय संघ का कोई भी नागरिक या कंपनी इन लोगों को किसी भी तरह की आर्थिक मदद या फंड नहीं दे पाएगी।

प्रमुख संस्थाएं और कार्रवाई की मुख्य वजह

यह फैसला यूरोपीय परिषद द्वारा औपचारिक रूप से अपनाया गया है। बताया जा रहा है कि इन 16 लोगों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई बड़े कमांडर शामिल हैं। यूरोपीय संघ की प्रतिनिधि काजा क्लास ने स्पष्ट किया है कि ईरान में हो रहे दमन के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि इस लिस्ट में ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई का नाम शामिल नहीं किया गया है।

श्रेणी विवरण
कुल पाबंदियां 16 व्यक्ति और 3 संस्थाएं
आधिकारिक घोषणा 16 मार्च 2026
मुख्य वजह मानवाधिकारों का उल्लंघन
समय सीमा अप्रैल 2026 तक बढ़ाया गया
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.