यूरोपीय आयोग की राष्ट्रपति Ursula von der Leyen ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अभी इन पाबंदियों को हटाने का समय नहीं आया है। बर्लिन में दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी नीतियों में बुनियादी और बड़े बदलाव करने होंगे, तभी इस दिशा में कोई कदम उठाया जाएगा।
EU ने प्रतिबंध हटाने से मना क्यों किया?
राष्ट्रपति Ursula von der Leyen ने बताया कि ईरान में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं के अधिकार और बुनियादी आजादी से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया। यूरोपीय संघ का कहना है कि इन समस्याओं की वजह से ही ईरान पर प्रतिबंध लगाए गए थे और वर्तमान स्थिति में इन्हें हटाना संभव नहीं है।
प्रतिबंध हटाने के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?
यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधों में ढील देने से पहले उन्हें ईरान के व्यवहार में सुधार देखना होगा। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- ईरान की सरकार को अपनी नीतियों में असली और बुनियादी बदलाव लाना होगा।
- मानवाधिकारों के उल्लंघन को पूरी तरह रोकना होगा।
- महिलाओं के अधिकारों और बुनियादी आजादी को सुनिश्चित करना होगा।
यूरोपीय संघ ने साफ किया कि जब तक ईरान के अधिकारियों के व्यवहार में बदलाव नहीं दिखता, तब तक प्रतिबंध बरकरार रहेंगे।