EU Commission President Ursula von der Leyen ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ़ कहा कि जब तक ईरान ज़मीन पर असली बदलाव नहीं दिखाता, तब तक उस पर लगे प्रतिबंध नहीं हटाए जाएंगे। फ्रांस के एवियन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बदलाव विश्वसनीय और जांचने योग्य होना चाहिए।

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

President von der Leyen ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता इस समझौते को जल्द से जल्द पूरी तरह लागू करना है। इस समझौते से Strait of Hormuz को फिर से खोलने और जहाजों की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के बहाल करने में मदद मिलेगी, जो दुनिया की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय शांति के लिए बहुत जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करना और इलाके में उसकी अस्थिर गतिविधियों को रोकना होना चाहिए।

प्रतिबंधों की पुरानी कार्रवाई

ईरान और उसके संगठनों के खिलाफ EU ने पिछले कुछ समय में कई कड़े कदम उठाए हैं:

  • 8 जून 2026: EU Council ने दो व्यक्तियों और एक संस्था पर प्रतिबंध लगाए क्योंकि वे Strait of Hormuz में जहाजों के रास्ते में रुकावट डाल रहे थे।
  • 1 जून 2026: यूरोपीय संघ ने अपने प्रतिबंध नियमों में बदलाव किया ताकि समुद्री रास्तों में बाधा डालने वालों को टारगेट किया जा सके।
  • 19 फरवरी 2026: EU ने IRGC को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था।

इससे पहले 27 अप्रैल 2026 को Ursula von der Leyen ने कहा था कि प्रतिबंधों में ढील देना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने इसके पीछे ईरान में मानवाधिकारों के दमन और खास तौर पर महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को जिम्मेदार बताया था।