ईरान के साथ चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से पूरी दुनिया में ईंधन की चिंता बढ़ गई है। यूरोपीय संघ (EU) के ऊर्जा आयुक्त Dan Jorgensen ने साफ किया है कि फिलहाल विमानों के ईंधन (Jet Fuel) की कोई बड़ी कमी नहीं आएगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में हालात बदल सकते हैं, जिससे यात्रियों और एयरलाइंस पर असर पड़ सकता है।

जेट फ्यूल की सप्लाई को लेकर क्या है EU का प्लान?

EU सरकार ने ईंधन की कमी से बचने के लिए कई कदम उठाए हैं। सबसे पहले, यूरोपीय एयरलाइंस को अब अमेरिका के Jet A ईंधन का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है, जिसे EASA ने सुरक्षित माना है। इसके अलावा, EU सदस्य देशों के बीच ईंधन को साझा करने और उसे दोबारा बांटने की तैयारी की जा रही है। यूरोपीय आयोग अब ऐसे नियम बना रहा है जिससे देशों को जेट फ्यूल का एक खास रिजर्व रखना होगा, ताकि संकट के समय काम आ सके।

क्या फ्लाइट टिकट महंगे होंगे और यात्रा में दिक्कत आएगी?

IEA की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल का स्टॉक बहुत तेजी से कम हो रहा है। इससे आने वाले समय में कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, Tui Group के CFO Mathias Kiep का मानना है कि अगले 10 हफ्तों तक कोई बड़ी किल्लत नहीं होगी। दूसरी तरफ, EU ट्रांसपोर्ट कमिश्नर Apostolos Tzitzikostas ने साफ कर दिया है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के आधार पर एयरलाइंस यात्रियों को फ्लाइट कैंसिल करने पर मुआवजा देने से मना नहीं कर सकतीं।

ऊर्जा मंत्रियों की अगली बैठक में क्या होगा फैसला?

14 मई 2026 को निकोसिया में यूरोपीय ऊर्जा मंत्रियों की एक बड़ी बैठक होगी। इस मीटिंग में ऊर्जा बाजार की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, उन ऊर्जा कंपनियों पर टैक्स लगाने पर विचार होगा जिन्होंने युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों से भारी मुनाफा कमाया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या जेट फ्यूल की कमी से फ्लाइट्स बंद हो जाएंगी?

EU ऊर्जा आयुक्त के अनुसार, फिलहाल कोई बड़ी किल्लत नहीं है, लेकिन भविष्य में यह मिडिल ईस्ट के हालात पर निर्भर करेगा। कुछ एयरलाइंस जैसे Lufthansa ने पहले ही कुछ फ्लाइट्स रद्द की हैं।

अमेरिका के Jet A ईंधन का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से सप्लाई चेन बाधित हुई है, इसलिए कमी को पूरा करने और लागत कम करने के लिए EASA ने अमेरिकी ईंधन के इस्तेमाल को मंजूरी दी है।