यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा काल्लास ने ईरान के साथ हो रही परमाणु बातचीत को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम तक ही सीमित रही, तो यह नया समझौता पुराने JCPOA समझौते से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। यह बयान उन्होंने साइप्रस में यूरोपीय नेताओं की एक बैठक के दौरान दिया।

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ईरान के साथ नए समझौते में क्या है खतरा?

काजा काल्लास का मानना है कि अभी जो बातचीत चल रही है वह बहुत सीमित है। उनका कहना है कि अगर इस प्रक्रिया में परमाणु विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया, तो नतीजा बहुत कमजोर होगा। बिना तकनीकी बारीकियों के किया गया समझौता ईरान को रोकने के बजाय उसे और मजबूत बना सकता है।

सिर्फ परमाणु कार्यक्रम ही नहीं, किन बातों पर होना चाहिए ध्यान?

EU प्रमुख ने साफ किया कि केवल परमाणु हथियारों पर बात करना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल प्रोग्राम, प्रॉक्सी ग्रुप्स को मिलने वाले समर्थन और यूरोप में होने वाली साइबर गतिविधियों पर भी चर्चा होनी चाहिए। जब तक इन क्षेत्रीय समस्याओं को नहीं सुलझाया जाएगा, तब तक खतरा बना रहेगा।

Nura Basta

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