EU President Von der Leyen ने इसराइल के E1 Settlement Plan को बताया अस्वीकार्य, वेस्ट बैंक में बढ़ रहा है तनाव.

Aanya21 August 20263 min read45 viewsWorld
EU President Von der Leyen ने इसराइल के E1 Settlement Plan को बताया अस्वीकार्य, वेस्ट बैंक में बढ़ रहा है तनाव.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने 21 अगस्त 2026 को इसराइल की विवादास्पद E1 settlement plan की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसराइली सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के लिए निर्माण टेंडर जारी करने के फैसले को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया है। यूरोपीय संघ यानी EU लंबे समय से इस कदम का विरोध करता आ रहा है। यूरोपीय नेताओं का मानना है कि इस योजना से वेस्ट बैंक का विभाजन हो जाएगा और ईस्ट जेरूसलम, बेथलेहम तथा रामल्लाह के बीच का भौगोलिक संपर्क टूट जाएगा, जिससे दो-राष्ट्र समाधान यानी two-state solution को बहुत बड़ा झटका लगेगा। यह पूरा प्रोजेक्ट जेरूसलम और माले अदुमिम के बीच 12 वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है, जिसे अगस्त 2025 में सिविल प्रशासन की उच्च योजना समिति से शुरुआती मंजूरी मिली थी.

14 देशों और अरब देशों का संयुक्त विरोध

इसराइली आवास मंत्रालय द्वारा 18 अगस्त को 1,200 से अधिक यूनिट्स के लिए टेंडर जारी करने के बाद दुनिया भर के देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, कनाडा, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, स्वीडन, बेल्जियम, स्पेन, ऑस्ट्रिया और ग्रीस सहित कुल 14 देशों के एक गठबंधन ने संयुक्त बयान जारी किया। इन देशों ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध घोषित किया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए UK Government Official Statement पर जा सकते हैं। इन सभी देशों ने इसराइल से इन योजनाओं को वापस लेने का आग्रह किया है और साथ ही व्यवसायों को कानूनी और प्रतिष्ठा के जोखिमों का हवाला देते हुए इन टेंडर में बोली लगाने के प्रति आगाह किया है.

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इसके अलावा, खाड़ी देशों और अन्य अरब तथा इस्लामिक राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों ने भी इस पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। UAE, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र ने एक अलग संयुक्त बयान जारी करके इस बस्ती की गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम और यूरोपीय आयोग के रुख के बारे में कतर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट को QNA Official News Details पर पढ़ा जा सकता है, जहां बताया गया है कि कैसे यूरोपीय आयोग भी इसराइल की इस परियोजना की निंदा करने वाले निकायों की सूची में शामिल हो गया है.

इसराइल का पलटवार और स्थानीय प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, इसराइली विदेश मंत्री Gideon Saar ने इन सभी आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने खास तौर पर यूनाइटेड किंगडम के रुख को आड़े हाथों लिया और उनके लहजे को अहसान जताने वाला यानी patronizing करार दिया। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यहूदी लोगों को पूरे इस्राइल की भूमि में रहने का पूरा अधिकार है। वहीं दूसरी ओर, माले अदुमिम के मेयर Guy Yifrach ने पहली 1,400 आवासीय इकाइयों के आगे बढ़ने को एक बहुत बड़ी खबर बताया है। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग यानी US State Department ने अपनी पुरानी नीति को दोहराते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह के अधिग्रहण यानी annexation का समर्थन नहीं करता है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान से ही तय की गई नीति पर आधारित है। इस बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय बयानों से मध्य पूर्व की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर साफ देखा जा रहा है।

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