EU President Ursula von der Leyen ने दुनिया को एक बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि Hormuz Strait का बंद होना और लेबनान पर इसराइल के लगातार हमले पूरे इलाके की शांति के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं. इस टकराव की वजह से यूरोप में तेल और गैस के बिल बहुत ज़्यादा बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है.

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तेल की कीमतों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

EU President ने बताया कि इस संघर्ष की वजह से पिछले 44 दिनों में यूरोप का ईंधन आयात बिल 22 अरब यूरो से भी ज़्यादा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि Hormuz Strait में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसकी वजह से भारी नुकसान हो रहा है. इस समस्या से निपटने के लिए 23 अप्रैल को साइप्रस में यूरोपीय नेताओं की एक मीटिंग होगी, जहाँ गैस स्टोरेज भरने और तेल के स्टॉक को रिलीज करने जैसे इमरजेंसी कदम उठाए जाएंगे.

अमेरिका के फैसले पर दुनिया के देशों का क्या कहना है?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 अप्रैल को एलान किया था कि US Navy अब Hormuz Strait में आने-जाने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगी. हालांकि, अमेरिका के कई NATO साथी इस फैसले के साथ नहीं हैं. इन देशों ने नाकाबंदी में शामिल होने से साफ़ मना कर दिया है.

नाकाबंदी का विरोध करने वाले देश फ्रांस की योजना
UK, जर्मनी, स्पेन, इटली, पोलैंड और ग्रीस राष्ट्रपति Emmanuel Macron एक मल्टीनेशनल मिशन बनाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि समुद्री रास्ता फिर से खोला जा सके.

लेबनान में अभी क्या स्थिति चल रही है?

लेबनान में हालात काफी तनावपूर्ण हैं. इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के Bint Jbeil इलाके में ज़मीनी ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कह दिया है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है और वे Hezbollah पर हमला जारी रखेंगे. हाल ही में Tefahta इलाके में हुए हमले में 9 लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हुए. यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने और लड़ाई रोकने की अपील की है.