EU का ईरान पर बड़ा फैसला, प्रतिबंध हटाने से किया इनकार, कहा अभी बहुत जल्दबाजी होगी
यूरोपियन यूनियन (EU) ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर अपना रुख साफ़ कर दिया है। EU के बड़े अधिकारियों ने कहा है कि अभी प्रतिबंधों में ढील देना बहुत जल्दबाजी होगी। हालांकि जर्मनी के चांसलर ने बातचीत के ज़रिए प्रतिबंध हटाने की बात कही थी, लेकिन यूनियन के अन्य बड़े नेताओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया है।
EU प्रतिबंध हटाने पर क्यों नहीं मान रहा है
EU की हाई रिप्रेजेंटेटिव Kaja Kallas और अन्य नेताओं का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मानवाधिकारों की स्थिति अभी चिंताजनक है। उन्होंने साफ़ किया कि जब तक ईरान अपनी परमाणु मिसाइलों और दूसरे देशों में दखलअंदाज़ी को बंद नहीं करता, तब तक राहत नहीं मिलेगी। EU चाहता है कि भविष्य में होने वाला कोई भी समझौता 2015 के पुराने समझौते से ज़्यादा मज़बूत हो ताकि ईरान और ज़्यादा खतरनाक न बने।
Strait of Hormuz को लेकर क्या है विवाद
EU ने साफ़ कर दिया है कि Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना बिना किसी रुकावट और बिना किसी टोल टैक्स के होना चाहिए, यह बात गैर-परक्राम्य है। ईरान ने इस रास्ते से गुज़रने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना बनाई है, जिसका EU कड़ा विरोध कर रहा है। इस तनाव को देखते हुए EU अब इस इलाके में अपनी नौसेना की मौजूदगी और सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत का क्या स्टेटस है
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की की मदद से चल रही है। 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें कुछ प्रगति तो हुई लेकिन परमाणु मुद्दे पर कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। ईरान के विदेश मंत्री जल्द ही द्विपक्षीय चर्चा के लिए पाकिस्तान का दौरा करेंगे, जिससे इस विवाद पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।