Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाज़ों पर ईरान द्वारा टैक्स या टोल लगाने की योजना का European Union ने कड़ा विरोध किया है. 9 अप्रैल 2026 को EU ने साफ कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से समुद्र के इस रास्ते पर आवाजाही पूरी तरह मुफ्त होनी चाहिए और इस पर किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लगाया जा सकता. इस फैसले का सीधा असर खाड़ी देशों से होने वाले तेल के व्यापार और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर पड़ने वाला है.

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यूरोपीय देशों और अधिकारियों ने क्या बयान दिया?

  • European Commission: प्रवक्ता Anouar El Anouni ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौवहन की आजादी एक सार्वजनिक संपत्ति है, जिसके लिए कोई भुगतान नहीं लिया जा सकता.
  • Italy: प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने टोल वसूला तो इसके गंभीर आर्थिक परिणाम होंगे और यह पूरी दुनिया के लिए बुरा होगा.
  • France: विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने टोल सिस्टम को पूरी तरह अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है.
  • UK: विदेश सचिव Yvette Cooper ने एक कूटनीतिक अभियान शुरू किया है ताकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों की मुफ्त आवाजाही सुनिश्चित की जा सके.

ईरान की शर्तें और समुद्र की मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के उप विदेश मंत्री Saeed Khatibzadeh ने कहा है कि तेल टैंकरों और अन्य जहाज़ों को सुरक्षित निकलने के लिए ईरानी सेना के साथ तालमेल करना होगा. ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन तभी करेगा जब अमेरिका अपनी आक्रामकता बंद करेगा और इजरायल लेबनान पर हमले रोकेगा. इस तनाव के बीच Strait of Hormuz में समुद्री ट्रैफिक काफी कम हो गया है क्योंकि वहां समुद्री बारूदी सुरंगों की खबरें भी आ रही हैं.

प्रमुख घटनाक्रम और तारीखें

तारीख घटना
9 अप्रैल 2026 EU, फ्रांस, इटली और UK ने टोल प्रस्ताव को सिरे से खारिज किया.
8 अप्रैल 2026 ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद टैंकरों की आवाजाही रोक दी थी.
27 मार्च 2026 G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से सुरक्षित और टोल-मुक्त रास्ता देने की मांग की.
26 मार्च 2026 ईरानी संसद ने सुरक्षित आवाजाही के लिए फीस लेने का बिल तैयार करना शुरू किया था.