यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मंत्रियों ने वेस्ट बैंक में हिंसा करने वाले इसराइली सेटलर्स पर प्रतिबंध लगाने का बड़ा फैसला लिया है। इस खबर के आते ही इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने इसे सिरे से नकार दिया है। यह विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया है क्योंकि इसमें कई देशों की सहमति और असहमति शामिल है।
EU ने क्या प्रतिबंध लगाए और क्यों लिया यह फैसला
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने घोषणा की कि मंत्रियों ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा करने वाले इसराइली सेटलर्स पर प्रतिबंध लगाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने साफ कहा कि हिंसा और कट्टरपंथ के नतीजे भुगतने पड़ते हैं।
- इन प्रतिबंधों में लोगों की संपत्तियों को फ्रीज करना और यूरोपीय देशों में उनके प्रवेश पर रोक लगाना शामिल है।
- यह कार्रवाई कुल तीन सेटलर्स और चार सेटलर संगठनों के खिलाफ की गई है।
- फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने कन्फर्म किया कि उन संगठनों को निशाना बनाया गया है जो वेस्ट बैंक में हिंसक कॉलोनाइजेशन का समर्थन कर रहे थे।
- इस फैसले में हंगरी की भूमिका अहम रही क्योंकि पहले की सरकार ने इसे रोका था, लेकिन अब नए नेतृत्व में इस पर सहमति बन गई।
इसराइल ने EU के फैसले को क्यों नकारा
इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि EU ने बिना किसी ठोस आधार के और राजनीतिक तरीके से इसराइली नागरिकों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।
Saar ने EU की इस बात पर गहरी आपत्ति जताई कि इसराइली नागरिकों की तुलना हमास के आतंकवादियों से की गई है। उन्होंने इसे एक गलत नैतिक तुलना बताया। साथ ही उन्होंने दोबारा यह बात कही कि यहूदियों को वेस्ट बैंक में बसने का पूरा अधिकार है।
दूसरी ओर, EU अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हमास पर भी अलग से प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन इसका मकसद सेटलर्स की तुलना हमास से करना नहीं था बल्कि कुछ सदस्य देशों की शर्तों को पूरा करना था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
EU ने इसराइली सेटलर्स पर प्रतिबंध क्यों लगाए?
वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा फैलाने वाले तीन सेटलर्स और चार संगठनों के कारण यह कदम उठाया गया है। इसमें उनकी संपत्तियों को फ्रीज करने और यूरोपीय देशों में एंट्री बैन करने का प्रावधान है।
इसराइल ने इस फैसले पर क्या कहा?
इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने इसे पूरी तरह राजनीतिक और मनमाना फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि इसराइली नागरिकों की तुलना हमास से करना गलत है।
