यूरोपीय संघ (EU) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हिंसक इसराइली सेटलर्स और उनके संगठनों के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने पर सहमति जताई है। करीब दो साल तक चले विवाद के बाद अब यह फैसला लिया गया है, क्योंकि हंगरी के नए प्रधानमंत्री Peter Magyar ने पुराने वीटो को हटा दिया है। इस कदम से अब कई संगठनों की संपत्ति फ्रीज होगी और उनके नेताओं पर यात्रा प्रतिबंध लगेंगे।

EU ने किन लोगों और संगठनों पर लगाए प्रतिबंध?

EU ने कुल सात सेटलर्स और उनके संगठनों को निशाने पर लिया है। इस लिस्ट में मुख्य रूप से ये नाम शामिल हैं:

  • Regavim और इसके प्रमुख Meir Deutsch
  • HaShomer Judea and Samaria और इसके पूर्व प्रमुख Avichai Suissa
  • Nachala और Amana संगठन के साथ इसकी प्रमुख Daniella Weiss

इन संगठनों के अलावा, इस नए प्रतिबंध पैकेज में Hamas के कुछ बड़े नेताओं के नाम भी जोड़े गए हैं।

प्रतिबंधों का असर क्या होगा और अधिकारियों ने क्या कहा?

इन प्रतिबंधों के तहत टारगेट किए गए लोगों और संस्थाओं की संपत्ति को फ्रीज कर दिया जाएगा और उन्हें यूरोपीय देशों की यात्रा करने से रोका जाएगा। EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने कहा कि अब समय आ गया है कि हिंसा के परिणामों का सामना किया जाए।

फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने बताया कि EU उन संगठनों को दंडित कर रहा है जो वेस्ट बैंक में हिंसक कब्जे को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं आयरलैंड की विदेश मंत्री Helen McEntee ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर चुप नहीं रहा जा सकता। बेल्जियम के विदेश मंत्री Maxime Prevot ने साफ किया कि हंगरी के रुख में बदलाव की वजह से यह सहमति बन पाई है।

इसराइली सरकार ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

इस फैसले के बाद इसराइली अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई है। विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने इन प्रतिबंधों को पूरी तरह राजनीतिक बताया और इसे खारिज कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett ने इसे पूरे इसराइल के खिलाफ एक खतरनाक कदम बताया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने EU पर यह आरोप लगाया कि यह कदम यहूदी विरोध से प्रेरित है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

EU ने यह फैसला कब लिया और इसमें हंगरी की क्या भूमिका थी?

यह फैसला सोमवार, 11 मई 2026 को लिया गया। हंगरी के नए प्रधानमंत्री Peter Magyar की सरकार ने उस वीटो को हटा दिया जिसकी वजह से पिछले दो साल से यह मामला अटका हुआ था।

इन प्रतिबंधों के तहत क्या-क्या कार्रवाई की जाएगी?

प्रतिबंधों में मुख्य रूप से लक्षित व्यक्तियों और संगठनों की संपत्ति को फ्रीज करना और उन पर यूरोपीय संघ के देशों में यात्रा प्रतिबंध लगाना शामिल है।