यूरोपीय संघ (EU) अब उन इजरायली बसने वालों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है जो हिंसा में शामिल रहे हैं। 11 मई 2026 को यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। यह फैसला काफी समय से अटका हुआ था, लेकिन अब इसमें तेजी आई है।

हंगरी की वजह से क्यों रुका था यह फैसला?

पहले हंगरी के पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने इन प्रतिबंधों का विरोध किया था, जिससे यह मामला महीनों तक रुका रहा। अब हंगरी की सरकार बदल गई है और पीटर मैग्यार के आने के बाद यह रुकावट खत्म हो गई है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने बताया कि वह इस बात को लेकर आशान्वित हैं कि अब सभी सदस्य देश इस समझौते पर सहमत हो जाएंगे।

किन लोगों पर लग सकते हैं प्रतिबंध और क्या है कारण?

जानकारी के मुताबिक करीब 7 इजरायली बसने वालों या उनके संगठनों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की वजह से यह कदम उठाया जा रहा है। अक्टूबर 2023 से हिंसा में बढ़ोतरी हुई थी और 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद हालात और ज्यादा खराब हुए। इसके साथ ही यूरोपीय संघ हमास के प्रतिनिधियों पर भी प्रतिबंध लगा सकता है।

क्या इजराइल के साथ व्यापार पर भी असर पड़ेगा?

हालांकि हिंसक बसने वालों पर एक्शन लिया जा रहा है, लेकिन इजराइल के साथ व्यापार रोकने या बड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने पर अभी तक यूरोपीय देशों के बीच कोई सहमति नहीं बनी है। यूरोपीय संघ का मकसद हिंसा के खिलाफ एक कड़ा संदेश देना है, लेकिन वह इजराइल और फिलिस्तीन के बीच के विवाद में एक संतुलित तरीका अपनाना चाहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूरोपीय संघ किन पर प्रतिबंध लगा रहा है?

यूरोपीय संघ उन इजरायली बसने वालों और उनके संगठनों पर प्रतिबंध लगा रहा है जो वेस्ट बैंक में हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही हमास के कुछ प्रतिनिधियों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।

यह फैसला अब अचानक क्यों लिया जा रहा है?

हंगरी की सरकार बदलने के बाद अब इस फैसले के सामने से रुकावट हट गई है। इसके अलावा वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और बदलती यूरोपीय सोच की वजह से यह कदम उठाया गया है।