Strait of Hormuz पर EU का बड़ा बयान, कहा जहाजों का रास्ता खुलना जरूरी, ईरान के साथ बातचीत में होगी सख्ती

Strait of Hormuz को लेकर यूरोपीय संघ यानी EU ने अपनी बात साफ कर दी है। EU की हाई रिप्रेजेंटेटिव Kaja Kallas ने कहा कि इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने जल्द से जल्द इस रास्ते को पूरी तरह खोलने और वहां स्थिरता लाने की मांग की है ताकि व्यापार और सुरक्षा बनी रहे।

EU का क्या कहना है और क्यों है यह जरूरी?

Kaja Kallas ने यह बयान निकोसिया, साइप्रस में हुए EU लीडर्स समिट के दौरान दिया। उन्होंने साफ किया कि ईरान के साथ बातचीत सिर्फ राजनीतिक स्तर पर नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें परमाणु विशेषज्ञों को भी शामिल करना होगा। उनका मानना है कि अगर सिर्फ परमाणु मुद्दे पर बात हुई और मिसाइल प्रोग्राम या साइबर हमलों को नजरअंदाज किया गया, तो यह क्षेत्र के लिए और मुश्किल पैदा कर सकता है।

अमेरिका की कार्रवाई और जहाजों का क्या हाल है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि उन्होंने 34 जहाजों का रास्ता बदला है ताकि वे नेवल ब्लॉकेड लाइन से दूर रह सकें। 23 और 24 अप्रैल के बीच कम से कम 8 जहाज इस समुद्री रास्ते से गुजरे। अमेरिकी सेना अब ऐसी योजनाएं बना रही है जिससे ईरान की छोटी नावों और माइन बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सके, अगर युद्धविराम की बात नहीं बनी।

ईरान के अंदर क्या चल रहा है और कतर का प्रस्ताव?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Ghalibaf ने अमेरिका के साथ बातचीत का नेतृत्व छोड़ दिया है। ऐसा IRGC जनरलों के दखल की वजह से हुआ। वहीं, कतर ने एक प्रस्ताव दिया था जिसमें 20 ईरानी जहाजों के बदले अरब देशों के 20 जहाजों को रास्ता देने की बात थी, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री और अन्य नेताओं ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।