EU की कमीशन प्रेसिडेंट Ursula von der Leyen और तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan के बीच एक ज़रूरी फ़ोन कॉल हुआ। इसमें ईरान के साथ चल रहे तनाव को कम करने और डिप्लोमेसी के ज़रिए शांति लाने पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने व्यापार, ऊर्जा की सप्लाई और सप्लाई चेन को स्थिर रखने जैसे अहम मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है।

EU और तुर्की ने ईरान संकट को लेकर क्या चर्चा की?

EU कमीशन प्रेसिडेंट Ursula von der Leyen ने कहा कि तुर्की ईरान के साथ तनाव कम करने की कोशिशों में बहुत अहम भूमिका निभा रहा है। EU ने तुर्की को एक मुख्य क्षेत्रीय पार्टनर माना है। बातचीत के दौरान व्यापार, ऊर्जा के प्रवाह और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने पर ज़ोर दिया गया। इसके अलावा, क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए UN (संयुक्त राष्ट्र) के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने की बात कही गई।

राष्ट्रपति Erdoğan ने किन मुख्य मांगों और बातों पर ज़ोर दिया?

  • क्षेत्रीय शांति: राष्ट्रपति Erdoğan ने कहा कि मौजूदा तनाव के बीच तुर्की और EU के रिश्तों की अहमियत और बढ़ गई है। उन्होंने क्षेत्र में शांति और सीज़फायर बनाए रखने की बात कही।
  • Strait of Hormuz: उन्होंने मांग की कि Strait of Hormuz को जल्द से जल्द फिर से खोल दिया जाए।
  • सुरक्षा और व्यापार: Erdoğan ने कहा कि यूरोप की सुरक्षा रणनीति में तुर्की को शामिल करना दोनों के लिए फायदेमंद होगा। साथ ही, Turkish-EU Customs Union को अपडेट करने की ज़रूरत बताई।
  • इसराइल पर बयान: उन्होंने आरोप लगाया कि इसराइल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहा है और वह चाहता है कि संघर्ष जारी रहे, इसलिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की ज़रूरत है।

ईरान की प्रतिक्रिया और सैन्य तैयारी की क्या स्थिति है?

जहाँ एक तरफ डिप्लोमेसी की बातें हो रही हैं, वहीं ईरान के Supreme National Security Council ने एक बड़ा बयान जारी किया है। ईरान ने कहा कि उसकी सैन्य इकाइयों को अब खतरों को उनके स्रोत पर ही खत्म करने के लिए “pre-emptive deterrent actions” (निवारक कार्रवाई) के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, ईरान के अधिकारियों और मीडिया ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य ऑपरेशन टालने के फैसले का मज़ाक उड़ाया और इसे एक धोखा बताया।

इसी बीच, तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने अमेरिका, कतर और जॉर्डन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। यह चर्चा मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत के संदर्भ में थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

EU और तुर्की के बीच हुई बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ चल रहे तनाव को कम करना, व्यापार और ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित बनाना और क्षेत्रीय शांति के लिए UN के प्रयासों का समर्थन करना था।

ईरान ने अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन टालने के फैसले पर क्या कहा?

ईरान के अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले को एक धोखा बताया और इसका मज़ाक उड़ाते हुए अपनी सैन्य तैयारी को और तेज़ कर दिया है।