यूरोपीय संघ (EU) ने इसराइल को सख्त चेतावनी दी है कि वह लेबनान की सीमा और उसकी आजादी का सम्मान करे। दुनिया भर में तनाव बढ़ रहा है और EU ने साफ कहा है कि मिडिल ईस्ट में शांति के लिए यह बहुत जरूरी है। इस बीच लेबनान और इसराइल के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से हालात गंभीर हो गए हैं।
EU के बड़े अधिकारियों का बयान
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने 19 जून 2026 को ब्रुसेल्स में एक बैठक के बाद कहा कि लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि इसराइल लेबनान की सीमाओं का सम्मान करे। EU की हाई रिप्रेजेंटेटिव Kaja Kallas ने भी 16 जून को कहा था कि यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने लेबनान को युद्ध विराम की कोशिशों में शामिल करने की बात कही है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इसराइल की सेना अभी भी दक्षिणी लेबनान में मौजूद है।
नियम और अंतरराष्ट्रीय मांग
EU चाहता है कि UN सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्ताव 1701 का पूरी तरह पालन हो। इस नियम के मुताबिक इसराइल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करना होगा और हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को निशस्त्र होना होगा। यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता Anouar El Anouni ने भी इसराइल से मांग की है कि वह लेबनान में सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोके।
मैदान पर क्या चल रहा है
ताजा जानकारी के मुताबिक, 19 जून 2026 को इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच फिर से झड़पें हुईं। इसराइल के हमलों में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई। इसके बाद अमेरिका, ईरान और कतर की मध्यस्थता से फिर से सीजफायर (युद्ध विराम) समझौता हुआ।
दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह हिजबुल्लाह से इसकी भारी कीमत वसूलेंगे। उन्होंने साफ किया कि इसराइल लेबनान के अंदर अपना बफर जोन बनाए रखेगा, जो करीब छह मील तक फैला हुआ है। इसी बात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ रहा है क्योंकि यह लेबनान की territorial integrity यानी उसकी क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है।
- यूरोपीय संघ: इसराइल से सीमा सम्मान की मांग कर रहा है और लेबनान की सेना को 100 मिलियन यूरो की मदद दे रहा है।
- UNIFIL: यूरोपीय संघ ने लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNIFIL) को अपना पूरा समर्थन दिया है।
- अमेरिका: सीजफायर समझौतों में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।