खाड़ी देशों और लाल सागर के समुद्री रास्तों पर आवाजाही करने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। यूरोपियन यूनियन (EU) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि ईरान के हमलों और हूती विद्रोहियों की गतिविधियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ रहा है। EU की हाई रिप्रेजेंटेटिव Kaja Kallas ने 16 जुलाई 2026 को जिबूती में साफ किया कि समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करना अब प्राथमिकता है।

सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए EU ने ASPIDES और ATALANTA नाम के नौसैनिक मिशन सक्रिय कर रखे हैं। इसमें ASPIDES ने पिछले 29 महीनों में 670 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकाला है और हूतियों के कई हमलों को नाकाम किया है। इसी के तहत 16 जुलाई को जिबूती के साथ एक समझौता भी हुआ है ताकि इन मिशनों को वहां से मदद मिलती रहे।

आम लोगों और व्यापार पर असर

इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिति डांवाडोल हो गई है। Maersk जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अनिश्चितता के कारण माल भेजने में मुश्किल होने की बात कही है। इसके अलावा Royal Mail समेत अन्य पोस्टल सेवाओं ने भी बताया है कि खाड़ी और लाल सागर के रास्तों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से पार्सल और सामान पहुंचने में भारी देरी हो रही है। यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने भी एयरलाइंस को 29 जुलाई तक खाड़ी के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी लगातार शांति और बातचीत की अपील कर रही हैं ताकि दुनिया भर के व्यापार और समुद्री अधिकारों को सुरक्षित रखा जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com