EU ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध, Strait of Hormuz बंद करने वालों पर होगी कार्रवाई, Kaja Kallas ने किया ऐलान
यूरोपीय संघ (EU) के देशों ने ईरान के खिलाफ अपने प्रतिबंधों को और बढ़ाने का फैसला किया है। यह सख्त कदम उन लोगों और संस्थाओं के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को बंद करने की कोशिश की। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने इस फैसले की जानकारी दी है। इस विवाद की वजह से पिछले दो महीनों से समुद्री व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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ईरान पर नए प्रतिबंध क्यों लगाए गए?
फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz के रास्ते को लगभग बंद कर दिया था। अब ईयू उन लोगों को निशाना बनाएगा जो जहाजों के आने-जाने में रुकावट पैदा कर रहे हैं। Kaja Kallas का कहना है कि इस रास्ते का खुला रहना जरूरी है और यहाँ से जहाजों का सफर बिना किसी शुल्क के होना चाहिए। नए प्रतिबंधों की लिस्ट तैयार करने के लिए यूरोपीय संघ की एजेंसी को कुछ हफ़्तों का समय लगेगा।
इस पूरे विवाद की मुख्य समयसीमा क्या है?
| तारीख | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरान ने Strait of Hormuz को बंद किया |
| 14 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने समुद्री रास्ते के बाहर नाकेबंदी शुरू की |
| 19 अप्रैल 2026 | अमेरिकी नौसेना ने ईरानी जहाज ‘Touska’ को जब्त किया |
| 21 अप्रैल 2026 | EU देशों ने ईरान पर प्रतिबंध बढ़ाने का फैसला किया |
| 23 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा युद्धविराम खत्म होने की तारीख |
अमेरिका और अन्य देशों का क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी और वह युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उनका आरोप है कि ईरान ने कई बार समझौतों का उल्लंघन किया है। वहीं चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने दोनों देशों से पूरी तरह युद्धविराम करने और जहाजों के सामान्य आवागमन की मांग की है। दूसरी तरफ ईरान की संसद एक ऐसा कानून बना रही है जिससे वह इस समुद्री रास्ते पर अपना पूरा नियंत्रण कर सके।