यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अब वक्त आ गया है जब ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर बिना वजह हमले बंद करने चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के चलते यूरोप और Gulf देशों के बीच साझेदारी को और गहरा करने की जरूरत है।

📰: अमेरिका और ईरान के बीच MoU पर बड़ी खबर, प्रोफेसर ने कहा अभी खुश होना जल्दबाजी होगी, 19 जून को होगा साइन

US-ईरान समझौते पर EU का रुख

यह बयान 16 जून 2026 को आया जब फ्रांस के Évian में G7 समिट चल रहा था। Ursula von der Leyen ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शुरुआती शांति समझौते का स्वागत किया। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यूरोप ईरान पर लगे प्रतिबंध तभी हटाएगा जब ईरान अपने व्यवहार में असल बदलाव लाएगा और इसे सबूतों के साथ देखा जाएगा।

उन्होंने मांग की कि Strait of Hormuz को तुरंत खोला जाए ताकि जहाजों की आवाजाही में कोई दिक्कत न हो। इसी दौरान उन्होंने UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed Bin Zayed Al Nahyan से भी मुलाकात की ताकि यूरोप और खाड़ी देशों के रिश्तों को और बेहतर बनाया जा सके।

ईरान का पलटवार और कुवैत का मामला

दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन बयानों पर नाराजगी जताई। ईरान ने यूरोप पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ अपनी पसंद के हिसाब से गुस्सा दिखा रहा है। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों को अपना बचाव बताया और कहा कि यह अमेरिका की आक्रामकता का जवाब था।

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी यूरोपीय आयोग ने ईरान की आलोचना की थी। उस वक्त von der Leyen ने GCC देशों की तारीफ की थी कि उन्होंने संयम दिखाकर क्षेत्र को एक बड़े युद्ध से बचाया। उन्होंने यह भी बताया कि मिडिल ईस्ट के इस संकट की वजह से यूरोप में ईंधन के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।