Europe Flight Alert: ईरान युद्ध से जेट फ्यूल की कमी, मई के अंत तक रद्द हो सकती हैं कई फ्लाइट्स, यात्रियों की बढ़ी टेंशन
यूरोप जाने वाले यात्रियों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी चिंता सामने आई है. ईरान में चल रहे युद्ध की वजह से जेट फ्यूल की भारी किल्लत हो गई है. International Air Transport Association (IATA) ने चेतावनी दी है कि मई के अंत तक यूरोप में कई फ्लाइट्स रद्द की जा सकती हैं. इसका सबसे ज्यादा असर गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ेगा.
ईरान युद्ध का फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान में युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसके बाद Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर नाकेबंदी हो गई. यूरोप अपनी ज़रूरत का करीब 75% जेट फ्यूल मिडिल ईस्ट से मंगाता है. International Energy Agency (IEA) ने आगाह किया है कि यूरोप के पास अब मुश्किल से छह हफ्ते का ईंधन बचा है. अगर सप्लाई रूट नहीं खुले, तो हवाई सेवाओं में बड़ी रुकावट आएगी.
ब्रिटेन और बड़ी एयरलाइंस की क्या स्थिति है?
Ryanair के CEO Michael O’Leary के मुताबिक ब्रिटेन की स्थिति काफी नाजुक है क्योंकि वह अपने एविएशन फ्यूल का 25% हिस्सा Kuwait से लेता है. Lufthansa और Virgin Atlantic जैसी कंपनियों ने भी माना है कि ईंधन की सप्लाई पूरे 2026 तक तंग बनी रहेगी. कुछ एयरलाइंस ने सिर्फ मई के अंत तक का इंतजाम किया है, उसके बाद विमानों को जमीन पर उतारना पड़ सकता है.
यूरोपीय संघ और सरकारें क्या कदम उठा रही हैं?
यूरोपीय संघ (EU) अब आपातकालीन योजनाएं तैयार कर रहा है ताकि ईंधन की कमी को संभाला जा सके. यूरोपीय आयोग 22 अप्रैल 2026 को ऊर्जा उपायों पर ड्राफ्ट प्लान पेश करेगा. कुछ यूरोपीय एयरपोर्ट्स ने अपने इमरजेंसी रिजर्व का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. वहीं, एयरलाइंस ने मांग की है कि संकट के समय विमानन टैक्स में छूट दी जाए ताकि हवाई किराया बहुत ज्यादा न बढ़े.
| संस्था/देश | महत्वपूर्ण अपडेट/चेतावनी |
|---|---|
| IATA | मई 2026 के अंत तक फ्लाइट्स रद्द हो सकती हैं |
| IEA | यूरोप के पास लगभग 6 हफ्ते का ईंधन शेष |
| ब्रिटेन | 25% ईंधन की निर्भरता Kuwait पर |
| EU नियम | सदस्य देशों को 90 दिनों का तेल रिजर्व रखना जरूरी |
| ईरान युद्ध | 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ |
| Rystad Energy | 3 से 4 हफ्ते में संकट और गहरा सकता है |