यूरोप में हवाई जहाजों के ईंधन यानी जेट फ्यूल की भारी किल्लत हो गई है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz का रास्ता बंद रहा, तो अगले छह हफ्तों में ईंधन का स्टॉक खत्म हो सकता है। इस संकट की वजह से एयरलाइंस ने अभी से फ्लाइट्स रद्द करना और टिकटों के दाम बढ़ाना शुरू कर दिया है।

ईंधन की कमी से यात्रा पर क्या असर पड़ेगा?

IATA के डायरेक्टर जनरल Willie Walsh ने बताया कि मई के अंत तक यूरोप में ईंधन की कमी के कारण फ्लाइट्स रद्द होना शुरू हो सकती हैं। Rystad Energy के एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह संकट अगले तीन से चार हफ्तों में और गंभीर हो जाएगा, जिससे मई और जून के महीने में यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है। यूरोपीय आयोग ने भी माना है कि आने वाले समय में जेट फ्यूल की सप्लाई में दिक्कतें आ सकती हैं।

किन एयरलाइंस ने लिए कड़े कदम?

ईंधन की बढ़ती कीमतों और कमी को देखते हुए कई बड़ी एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशन्स में बदलाव किए हैं। नीचे दी गई टेबल में देखें कि किस कंपनी ने क्या फैसला लिया है।

एयरलाइन / संस्था लिया गया एक्शन / स्थिति
KLM खर्च बढ़ने के कारण 160 यूरोपीय फ्लाइट्स रद्द कीं
Lufthansa लंबी दूरी की फ्लाइट्स में कटौती और 40 विमान ग्राउंड करने की योजना
Ryanair मई तक ईंधन का इंतजाम है, जून में कमी की आशंका
EasyJet मार्च में 25 मिलियन पाउंड का अतिरिक्त ईंधन खर्च झेला
British Airways शॉर्ट-हॉल फ्लाइट्स को रद्द या आपस में मर्ज किया
ACI Europe यूरोपीय आयोग से आयात नियम आसान करने की मांग की

यह संकट आखिर शुरू कैसे हुआ?

ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण Strait of Hormuz के रास्ते को बंद कर दिया गया है। यूरोप अपनी जरूरत का लगभग 75 प्रतिशत जेट फ्यूल मिडिल ईस्ट से आयात करता है। रास्ता बंद होने से तेल के टैंकर वहां से नहीं गुजर पा रहे हैं। IEA के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने इसे अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.