Europe के हवाई अड्डों पर एक बड़ा संकट आने वाला है। Airports Council International (ACI) Europe ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz अगले तीन हफ्तों में नहीं खुला, तो वहां जेट फ्यूल की भारी कमी हो सकती है। यूरोप अपनी जरूरत का करीब 50% विमान ईंधन खाड़ी देशों से मंगाता है, जिससे अब उड़ानों के संचालन पर खतरा मंडरा रहा है।

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Europe में ईंधन की कमी क्यों हो रही है?

ACI Europe के डायरेक्टर जनरल Olivier Jankovec ने यूरोपीय आयोग को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई है। उनका कहना है कि ईंधन की कमी से हवाई अड्डों का कामकाज और कनेक्टिविटी पूरी तरह बिगड़ सकती है। इस संकट की वजह से Europe में जेट फ्यूल की कीमतें युद्ध से पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई हैं और इटली के कुछ हवाई अड्डों ने ईंधन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाना शुरू कर दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या स्थिति है?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का समझौता हुआ है, लेकिन Strait of Hormuz अभी भी पूरी तरह नहीं खुला है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि रास्ता तकनीकी कारणों से बंद है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान को समुद्र में बिछाई गई अपनी बारूदी सुरंगों (sea mines) को खोजने और हटाने में दिक्कत आ रही है। फिलहाल केवल 15 जहाजों को ही वहां से गुजरने की अनुमति दी गई है।

आम यात्रियों और एयरलाइंस पर क्या असर पड़ेगा?

IATA के डायरेक्टर जनरल Willie Walsh ने बताया है कि अगर रास्ता आज खुल भी जाता है, तो सप्लाई को सामान्य होने में कई महीने लगेंगे। इससे एयरलाइंस की लागत बढ़ेगी और यात्रियों के लिए टिकट महंगे हो सकते हैं। ACI Europe ने यूरोपीय आयोग से मांग की है कि वे ईंधन के नए स्रोत खोजें और पूरे यूरोप के लिए ईंधन की उपलब्धता का एक साझा सिस्टम बनाएं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com