Hormuz Strait Update: यूरोप के देशों ने संभाला मोर्चा, जहाजों की सुरक्षा के लिए हटाएंगे माइन, फ्रांस और ब्रिटेन की बड़ी तैयारी
दुनिया भर के तेल और व्यापार के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बहुत ज़रूरी रास्ता है। अब फ्रांस और अन्य यूरोपीय देश इस रास्ते को सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ये देश समुद्र में बिछी माइन को हटाने और जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए अपनी मदद भेजेंगे। इस पूरी योजना पर चर्चा के लिए पेरिस में दुनिया के कई बड़े नेता जुट रहे हैं।
यूरोप के देश जहाजों की सुरक्षा के लिए क्या करेंगे
फ्रांस की डिफेंस मिनिस्टर कैथरीन वौट्रिन ने बताया कि फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड के पास समुद्र से माइन हटाने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि ये देश जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए एस्कॉर्ट सर्विस भी दे सकते हैं। जर्मनी ने भी इस काम में मदद करने की बात कही है। जर्मनी अपनी निगरानी क्षमता और माइन हटाने वाले जहाज भेज सकता है, लेकिन इसके लिए वह एक कानूनी ढांचा चाहता है।
पेरिस समिट में क्या होगी चर्चा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पेरिस में एक मीटिंग कर रहे हैं। इस मीटिंग में करीब 40 देशों के नेता हिस्सा लेंगे। ब्रिटेन के पीएम ने कहा कि इस रास्ते को तुरंत खोलना पूरी दुनिया की ज़िम्मेदारी है ताकि व्यापार और तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो सके। यह पूरा मिशन सिर्फ बचाव के लिए होगा और ईरान के साथ चल रहे कमजोर युद्धविराम को बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
| देश/संस्था | मुख्य व्यक्ति/भूमिका | मुख्य बात |
|---|---|---|
| फ्रांस | कैथरीन वौट्रिन | माइन हटाना और एस्कॉर्ट सेवा देना |
| ब्रिटेन | कीर स्टार्मर | रास्ते को तुरंत खोलने पर ज़ोर |
| जर्मनी | सरकारी अधिकारी | निगरानी और स्पेशल जहाजों की मदद |
| बेल्जियम | सहयोगी देश | माइन हटाने की क्षमता |
| नीदरलैंड | सहयोगी देश | माइन हटाने की क्षमता |
| IMO | संगठन | क्रू और जहाजों की सुरक्षा पर चर्चा |