ईरान में जारी युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में खाद की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसका सीधा असर अब यूरोप के किसानों पर पड़ रहा है, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ गई है। उनकी मदद के लिए European Commission ने करोड़ों रुपयों के सहायता पैकेज का प्रस्ताव रखा है ताकि आने वाली फसलें बर्बाद न हों और किसान समय पर खाद खरीद सकें।

किसानों को कितनी मिलेगी आर्थिक मदद

यूरोपीय आयोग ने 12 जून 2026 को किसानों के लिए 540 मिलियन यूरो (करीब 625.4 मिलियन डॉलर) की मदद का प्रस्ताव पेश किया। यह पैसा उन किसानों को दिया जाएगा जिन्हें अगली बुवाई के लिए खाद खरीदनी है। कृषि आयुक्त Christophe Hansen ने बताया कि 2024 के बाद से खाद की कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसान मुश्किल में हैं।

ईरान युद्ध का खेती पर असर

खाद की कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह फरवरी 2026 में ईरान में शुरू हुआ युद्ध है। इस संघर्ष की वजह से Strait of Hormuz बंद हो गया, जिससे खाद के वैश्विक व्यापार में भारी रुकावट आई। आपूर्ति कम होने और तनाव बढ़ने के कारण बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ीं, जिसका बोझ अब किसानों पर आ रहा है।

सरकारी योजना और नए नियम

यह सहायता पैकेज 19 मई 2026 को पेश किए गए ‘Fertiliser Action Plan’ का हिस्सा है। सरकार ने कॉमन एग्रीकल्चरल पॉलिसी (CAP) में भी कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया है। इसके तहत किसानों को पैसा जल्दी मिलेगा और संकट के समय मदद के लिए एक नया लिक्विडिटी स्कीम शुरू किया जाएगा। अगर यूरोपीय देश अपने स्तर पर भी फंड मिलाते हैं, तो कुल मदद 1.5 बिलियन यूरो तक जा सकती है।

मदद पैकेज और जरूरी आंकड़े

विवरण जानकारी / राशि
प्रस्तावित सहायता राशि 540 मिलियन यूरो
डॉलर में कीमत 625.4 मिलियन डॉलर
अतिरिक्त कृषि रिजर्व 300 मिलियन यूरो
खाद की कीमतों में बढ़ोतरी 70% से अधिक (2024 के बाद)
कुल संभावित मदद 1.5 बिलियन यूरो तक
एक्शन प्लान की तारीख 19 मई 2026
अंतिम मंजूरी की समय सीमा जुलाई 2026 के अंत तक
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.