मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय परिषद ने ईरान को कड़ा संदेश भेजा है। राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा ने साफ़ लफ्जों में कहा है कि ईरान को क्षेत्र के देशों पर हो रहे अपने हमले तुरंत बंद करने चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुवैत, यूएई और इजराइल जैसे इलाकों में हाल ही में मिसाइल और ड्रोन हमले देखे गए हैं। इस तनाव का सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

🚨: कुवैत पर ईरान का हमला, रिहायशी इलाके में गिरे मिसाइल के टुकड़े, 6 लोग घायल और रिफाइनरी में लगी आग

यूरोपीय परिषद ने ईरान से क्या मांगें की हैं?

परिषद के अध्यक्ष ने साफ़ किया है कि सैन्य तनाव से शांति नहीं आएगी और केवल बातचीत ही इसका समाधान है। उन्होंने ईरान से मांग की है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह से आज़ाद किया जाए। नागरिक बुनियादी ढांचे, जैसे कि बिजली और पानी के प्लांट को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ और अस्वीकार्य बताया गया है। यूरोपीय संघ ने गल्फ देशों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है और हमलों को तुरंत रोकने की अपील दोहराई है।

पिछले 24 घंटों में हुए हमलों और नुकसान का विवरण

क्षेत्र में पिछले कुछ घंटों के दौरान कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले हुए हैं। इन हमलों से आम लोगों के जीवन और प्रॉपर्टी को काफी नुकसान पहुंचा है। नीचे दी गई टेबल में मुख्य घटनाओं की जानकारी दी गई है:

स्थान नुकसान का विवरण
कुवैत दो बिजली और पानी के खारेपन को दूर करने वाले प्लांट क्षतिग्रस्त हुए
हाइफ़ा, इजराइल दो लोगों की मौत और रिहायशी इलाकों में नुकसान
अबू धाबी, यूएई मिसाइल इंटरसेप्शन के कारण एक व्यक्ति घायल हुआ
बेरुत 4 लोगों की मौत और 39 लोग घायल हुए
ईरान के शहर जवाबी हमलों में 25 से ज्यादा लोगों की जान गई

शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं?

मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के मध्यस्थों ने ईरान और अमेरिका के सामने 45 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) का प्रस्ताव रखा है। इस योजना में हॉर्मुज के समुद्री रास्ते को फिर से खोलने की बात कही गई है। हालांकि, ईरान की तरफ से अभी इस पर कोई ठोस सहमति नहीं मिली है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज का रास्ता नहीं खुला तो ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े हमले किए जा सकते हैं। गल्फ में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।